
सफ़र अनजान हैं मेरा सौ बहाने हमको
निकले घर से अब तो जाम पिलाने हमको।।//१//
मगर इस बात का रोना है जो करते बदना
वो तो देते ही नहीं होश में आने हमको।।//२//
किस्मत फूटी वो भी मुझसे इतनी रूठी है
क्या बताऊं अब कहते है दिवाने हमको।।//३//
जिन्दगी में तुझ बिन यार के जीना मुश्किल
करते हैं मगर वो जाने क्यूं बहाने हमको।।//४//
हैं बड़ी सोच जो करते हैं वो धोखा मुझसे
प्यार देखा ख़ुद उसको न दिखाने हमको।।//५//
कनक




