
अटल बिहारी वाजपेई
आर्य व्रत को मिला प्रतापी दिवस महान।
स्वच्छ शुद्ध राजनीति का हो संसद में गान।
अटल बिहारी प्रकट।हुए देने को सद्ज्ञान।।
अटल विश्वास के स्वामी नेता अटल बिहारी ने।
व्यवहार मृदुल मधुर भाषा सिखलाई अटल बिहारी ने।।
संपर्क जहां-जिससे साधा बनाया उसको अनुगामि।।
स्वच्छ शुद्ध आचरण से बने अटल प्रतिभा स्वामी।।
अर्पण और समर्पण का पाठ पढ़ाया जन-जन को।
त्यागे निज सुख शौख्य सभी निज तन मन को।।
आओ इस महा मूर्ति श्रद्धा सुमन प्रदान करें।
पद चिन्हौ पर चलकर उनके सच्चा उन्हें प्रणाम करें।।
आचार्य पंडित धर्मानंद त्रिपाठी गुरु
कास्ट सराय नगीना बिजनौर उत्तर प्रदेश।




