साहित्य

क्यों तुलसी को माता कहते हैं

सीता सर्वेश त्रिवेदी

क्या तुमको पता चला है
यदि नहीं, तो समझो, मेरे सखा
मां के जैसा प्यार रखती हैं खयाल। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है,
तनाव को दूर भगाती है।
पाचन सर्दी-खाँसी में राहत दिलाती।
श्वसन तंत्र हो या हृदय की बात,
दाँतों को देती राहत।
मधुमेह समस्या में भी सहायक,
जीवन को बनाती है संतुलित और सार्थक,एक पत्ती भी नहीं हैं निरर्थक,
बालों की जड़ों को मज़बूती देती है,
त्वचा संक्रमण को दूर कर देती है।
बुखार हो या कोई व्याधि पुरानी,
मां तुलसी हर पीड़ा को हरती।
त्वचा रोग और तनाव के आक्रमण
दूर करती सभी संक्रमण।
रोज़ इसका करो जो सेवन,
जीवन बनता हैं उत्तम
तुलसी यूँ ही माता नहीं कहलाती,
माँ की तरह यह हमें पालती-संभालती है।
सीता सर्वेश त्रिवेदी शाहजहांपुर

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