साहित्य

ऋतुराज

मीनाक्षी शर्मा 'मनुश्री'

सरस सुहानी चले शीतल प्रभंजन
श्रवण मस्त मगन पंछी का गुंजन
अखिल उद्यान मधुमक्षिका भ्रमण
सुमनो पर बहुरंगी भ्रामरी विचरण

चहूँ दिश रुचिर हरीतिमा बिखराव
नूतन पत्रक का तरुओ पर ठहराव
बृक्षारण सरसों पीत प्रसून दर्शित
मनुजता भरकर मानव मन हर्षित

रंगीन मनोरम सुमन खिलखिलायें
भास्कर स्वर्ण रश्मि रत्न बिखरायें
सज धज मयूर नाच नाच बतलाये
इन्द्रधनुषी समग्र रंग धरा पर आये

व्यस्त शबलित की सुमधुर गुनगुन
जैसे बजती वीणा तार संगीत धुन
मधुर पुष्परस पान कर भँवरे गायें
बसंत ऋतु शुभ मंगलमय हो जायें

मीनाक्षी शर्मा ‘मनुश्री’

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