
हमदर्द जिन्दगी में भी नाकाम रह गया
वो कामयाब हो के भी हमनाम रह गया।।//१//
तन्हा सफ़र में हमसफ़र बन के वो खपा
मेरे नसीब में वो बदनाम रह गया।।//२//
बेवजह यार सच में दीवाना है बना
यूं साथ हादसा जो होता दाम रह गया।।//३//
आना नहीं क़रीब मेरे तुम भी कभी
कोई न यारों दिल से वो इल्ज़ाम रह गया।।//४//
तिरंगे में लिपट के वो सेनानी घर चला
वो वतन काम हाथ ले बेनाम रह गया।।//५//
कनक




