
पहाड़ी जीवन बड़ा कठिन,
जब आती, प्राकृतिक आपदा
बचने का नहीं मिलें कोई रास्ता,
मावन जन्म मृत्यु के बीच जूझता।
भूकंप,बादल फटना, भूस्खलन, अतिवृष्टि,
ना होती पूर्ण सुख सुविधाओं की पूर्ति,
जब उफनती नदियां ले लेती बाढ़ का रूप,
हो जाते पहाड़ी लोग पलायन को मजबूर।
ऊंचे नीचे पथरीले रास्ते, संघर्षो भरा जीवन,
फिर भी लोग करते पहाड़ों पर जीवन यापन,
देवताओं ऋषि मुनियों ने की सिद्धियां प्राप्त,
पहाड़ों का मौसम बड़ा सौम्य मनभावन शांत।
पहाड़ों की सुंदरता मन को अति भाए,
चहुंओर हरियाली मन को बड़ा लुभाएं,
झरनों का मीठा जल व्याधि दूर भगाएं,
पहाड़ों पर मानव स्वास्थ्य सुख अति पाएं,
नीतू रवि गर्ग कमलिनी”
चरथावल मुजफ्फरनगर उत्तरप्रदेश




