साहित्य

  • विकराल वक्त

    आंधियों का जोर भी है आपदाओं का शोर भी है अट्टहास कर रहा उन्माद अब अंधकार घन घोर भी है…

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  • अकेलापन

    दिल में कई तूफान लिए, काँधों पर अरमानों की गठरी लिए, मुठ्ठी में अरमानों के पोटली थामे , चले जा…

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  • अंत एक व्यथा का (पौराणिक आख्यान)

    भाग 1 ****** आज फिर प्रतिदिन की भाँति  देवकी,अशांत थी। विगत कई  वर्षों से प्रतिपल एक अतृप्ति,एक व्यथा,को जी रही…

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  • आज के रिश्ते

    रिश्तों की नींव जब से झूँठ पर खड़ी होने लगी। परिवार बसने से पहले टूटने की झड़ी लगने लगी।। एकल…

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  • गीत

    मैया आई हूॅं तेरे द्वार मात मेरी सुन ले पुकार आवो-आवो मात हमारी बीच भंवर में नाम हमारी उसको लगा…

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  • लघुकथा “दिखावा”

    एक शाम वैष्णवी को खबर मिली कि मधुलिका अस्पताल में भर्ती है। वह तुरन्त अस्पताल पहुँची…. मधुलिका अकेली एक कमरे…

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  • रामनवमी

      आज हवा भक्ति के सुरों से महक उठी, पेड़ों पर कोयल खुशी से चहक उठी। मंदिरों में हो रहे…

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  • प्रभु श्रीराम

    दशरथ घर अयोध्या में जन्में मेरे प्रभु श्रीराम है चारों ओर गूंजा तब मंगल गान है गुरु विश्वामित्र के शिष्य…

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  • रामनवमी

    रामनवमी सनातन की है सच्ची पहचान । लंका जीती राम ने मिला , सत्य को मान । पापी रावण मारकर,…

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  • माँ महागौरी

    माता महागौरी वंदना अम्बे मैया, तेरे द्वार श्रद्धा से हम आए, अर्ज हमारी सुन लो, अब दर्शन दो मैया। संशय-विपद…

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