साहित्य
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रामनवमी
रामनवमी खुशियों का दिन आया हें। राम का जन्मोत्सव का दिन आया। घर-घर में खुशियां मनाई जाती। राम जन्मोत्सव का…
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एक ग़ज़ल
उनका तो रंग ढंग तरीका बदल गया, गुलशन बदल गया है बगीचा बदल गया। बरसी न एक बूँद मगर भींग…
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मारते हो गर्भ में बेटियाँ तो कन्या पूजन क्यों..?
नवरात्रि की नवमी तिथि है, सुबह से गली में बहुत चहल-पहल है। दरवाज़ों पर दस्तकें हैं, आवाज़ों में आग्रह है-…
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युद्ध
मानव और विज्ञान का संघर्ष आज चरम पर है प्रथम विश्व युद्ध में देखा मानव की बिनाश लिला द्वितीय विश्व…
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खो बैठे बचपन हम
खेलों को भूल भुलाकर, ले बैठे मोबाइल फोन हम। खेलों को भूल भुलाकर ले बैठे मोबाइल फोन हम। ना चाहते…
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कालरात्रि
कलियों से भवन सजाया, तुमको मनाएंं मांँ आ जाओ कालरात्रि , तेरी आरती गाएँ माँ आ………. तू श्याम वर्णी है…
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कविता(चौपाई)
फूट रही बनकर किरण, कवि के मन में भाव । काव्य रूप में ढाल कर ,भर देते हर घाव।। कविता…
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स्कंदमाता
पंचम दिवस पार्वती का रूप स्कंदमाता। मातृत्व ममता ज्ञान बुद्धि शक्ति देतीं माता।। ज्ञान बुद्धि प्रदाता हैं माता देतीं जो…
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कुछ पलों का आराम
जिंदगी की भागदौड़ में, कैसी सुबह कैसी होती है शाम? मशीन की तरह भागती रहती हूं, मिलता नहीं कुछ पलों…
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माँ का नाम
खुद भूखी रहकर भी वो, पहले सबको खिलाती है, थकती नहीं वो ममता की मूरत, खुशियाँ चुन-चुन लाती है। सलाम…
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