साहित्य
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मोर के नाच को मुर्गी क्या जाने- लोकोक्ति
पोते ने पूछा दादा जी , क्यों सब ऐसा मानें? कहें मोर के नाच को यहाँ मुर्गी कैसे जाने? दादा…
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श्रंगार
प्रेम राधा का हो चाहे मीरा का हो, भावना मन की पावन सदा चाहिए, वो मिले ना मिले ,सामने हो…
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गुनगुनाती चांदनी
चारु चंचल रश्मियाँ सँग, गुनगुनाती चांदनी, दुग्ध जैसी धवल सी, वो मुस्कुराती चांदनी। सज गई धरणी धवल, तारे भी मतवारे…
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ये जात पात के बंधन तोड़ो
ये जात–पात के बंधन तोड़ो, इंसान को इंसान से जोड़ो। माटी एक, हवा भी एक, क्यों दिल में दीवारें छोड़ो।…
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ताँक- झाँक
ताँक- झाँक खुद को सँवारने की फुरसत कहाँ किसी को, दूसरों को सुधारने का हुनर मिला है यहाँ सबको। अपने…
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जी चाहता है कि मन फिर से बच्चा हो जाए
** जी चाहता है कि मन फिर से बच्चा हो जाए। छल – कपट से दूर सारा तन – मन…
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बड़ों का आशीर्वाद,,,
बड़ों का आशीर्वाद, रहे सदा हमारे साथ। जाने कब किस समय? छूट जाए उनका हाथ। बुजुर्गों की खामोशी भी, बहुत…
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आत्मविश्वास मानसिक एवं आध्यात्मिक शक्ति है
आत्मविश्वास से ही विचारों की स्वाधीनता प्राप्त होती है, इसके कारण महान कार्यों के सम्पादन में सफलता मिलती है। इसी…
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यादों की किताब
चलो ज़रा पीछे मुड़कर देखें, बीते वक्त में प्रवेश कर देखें, उन झुरमुटों पर निगाहें डालें, चलचित्र सी रील चल…
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दीपमाला
कैसे दीपमाला मैं सजाऊॅं , कैसे लक्ष्मी को मैं बुलाऊॅं , कैसे निज द्वार मैं सजाऊॅं , मन हो पाता…
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