साहित्य
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माँ का रूप
लाल चुनरी सितारों जड़ी, अंग मैया के सोहे। रूप पावन माँ का ऐसा, देव-मुनि मन को मोहे। भाल पर सिंदूर…
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माँ स्कंदमाता की स्तुति
पंचमी का पावन प्रभात, ज्योति अलौकिक छाई, माँ स्कंदमाता आईं, करुणा की गंगा लाई। श्वेत कमल पर विराजी, शीतलता की…
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युध्द मत करो
युध्द मत करो ये युध्द जो होतें हैं जिंदगी को कराहते यूँ ही छोड़ देते हैं ये निकलती हुई आवाज…
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वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच की मासिक गोष्ठी ऑफलाइन संपन्न
वरिष्ठ नागरिक काव्यमंच कर्नाटक इकाई की मार्च माह की काव्य गोष्ठी परम आदरणीय संस्थापक श्री नरेश नाज जी के आशीर्वाद…
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दुर्गा शक्ति
माता गौरी सती व्यंजना मेहर करो माँ सिद्धिदात्री रक्तबीज का संहार करती माँ कालरात्रि अष्टभुजी दुर्गा माता बरसा दो अपनी…
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खुशियों का संसार बसा है,आ जाओ
खुशियों का संसार बसा है,आ जाओ! माता का दरबार सजा है,आ जाओ? जब जीवन की कठिन डगर पर कोई महिषासुर…
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ग़ज़ल
यक़ी ख़ुद को ख़ुद से दिलाऊँ कहांँ तक। मुहब्बत के नगमे सुनाऊँ कहाँ तक।। दिखे हर तरफ अब तो है…
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पंचमं स्कन्दमाता
पंचमी रात्रि शैलपुत्री महागौरी माता। स्कन्द कार्तिकेय,जननी कहलाती हैं।। पकड़ उंगली भगवान कार्तिकेय को। तीर कमान से युद्ध कला सिखाती…
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हिंदी साहित्य का इतिहास- रीति काल के कवि विषयक ऑनलाइन संगोष्ठी सम्पन्न
वागीश्वरी काव्य निर्झरिणी, प्रयागराज, उ.प्र. के तत्वावधान में 14वीं राष्ट्रीय संगोष्ठी (ऑनलाइन) का आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इसमें “हिंदी साहित्य…
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