साहित्य
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ऐसी आजमाइश न कर
नौ महीने कोख में पाला है तुझे खून से अपने सींचा है तुझे मुझे तू यूं बदनाम ना कर ममता…
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ग़ज़ल
सब्र दिल का आज़माना ठीक है क्या इश्क़ में दिल को जलाना ठीक है क्या कब तलक तड़पाओगे हमको बताओ…
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जय वागीश्वरी
चली वासंती बयार,छेड़ा माँ ने सितार धरती अंबर में गूँजे ,सुरों की झंकार चली…. हंसती है धरती , नव पल्लव…
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फिर प्यार करते हैं
चलो अपने से फिर प्यार करते हैं, इस बार खुद से इकरार करते हैं। बीते बरसों की थकन उतार कर,…
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जीवन सत्य
कैसा रोना कैसा गाना , यही सत्य है जीवन का । क्या मानव , क्या पल्लव। एक सार है जीवन…
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लघुकथा- सब्र का बाँध
लघुकथा- सब्र का बाँध “यह कैसा खाना बनाया है? तेरी माँ ने तुझे कुछ सिखाया नहीं?” पारुल को हर रोज…
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होली
चुम्बन ले गयो लाल गुलाल , सखि मैं कैसे तुम्हें बताऊं । कैसे तुम्हें बताऊं , सखि मैं तो कहितन…
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क्रोध में पराजय
आदि शंकराचार्य और मंडन मिश्र के बीच सोलह दिन तक होने वाले शास्त्रार्थ की निर्णायक मंडन मिश्र की धर्म पत्नी…
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लोक नाट्य शैली-नौटंकी
नौटंकी लोक नाट्य विधा क एक अइसन बिचवई रहल,जेमे न खाली कथा,कहानी,प्रेमालाप रहल साथे कवितईअउर गायकी क भी रिवाज बहुते…
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मित्रता
बाग में मिलने सनम से रोज़ हम जाने लगे देख कर अपनी मुहब्बत फूल मुस्काने लगे खूब झाड़ा और तराशा…
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