साहित्य
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सीता
जनक सुनयना के घर आयी , सिय मिथिला की जान । आदर्शो की वे प्रतिमूर्ति , रघुकुल की है शान…
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बंजर धरती कहे पुकार
बंजर धरती कहे पुकार,पेड़ लगा कर करें श्रृंगार। हे मानव तू गलत न कर,बिना पेड़ जीवन बेकार।। इस धरती से…
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स्वस्थ समाज का निर्माण
मिलकर सभी स्वस्थ समाज का आओ निर्माण करें। दीन-हीन जो वंचित जन हैं उनका कल्याण करें।। जो समाज में व्याप्त…
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मै ऐसी ही हूं
पैसे के बल पर साहित्यकार नहीं बनती हूं। अपनी लेखनी से अपनी पहचान रखती हूं। अपने भावों और विचारों को…
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कुछ पलों का यह जीवन
कुछ पलों का यह जीवन, क्षणभंगुर सी कहानी, रेत की मुट्ठी जैसा, फिसलती जाती जवानी। सुबह की ओस सा चमके,…
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चलते रहो तो सफर बहुत आसान हो जाता है
** चलते रहो तो सफर बहुत आसान हो जाता है। जीवन की हर मुश्किल का समाधान हो जाता है।। **…
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कविता
सूरज की किरणों में सने सने वो गर्मी है, दस्तक ग्रीष्म ऋतु की सर्दी में कुछ कमी है। भंवरों का…
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जन्मदिन का प्यारा एहसास
जन्मदिन का प्यारा एहसास हम महिलाओं को जन्मदिन का बेसब्री से इंतज़ार रहता है, मन ही मन सपनों का एक…
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कर्म ही ईश्वर आराधना है
मानव जीवन बहुत ही सुंदर, सुखद ईश्वरीय कृपा, उपहार है यह एक परम् सत्य है इतने महत्वपूर्ण सम्मान के लिए…
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प्रीत ने रंग दिखाया
मीरा को गिरधर मिले, ना राधा को श्याम तब भी उनकी प्रीत का, हुआ नहीं अवसान हुआ नहीं अवसान, प्रीत…
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