साहित्य
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नुक्सान ही नुक्सान
जंग का आगाज़ करना है,बहुत आसान! खत्म करने में मगर होते हैं पशेमान! जिस तरह वो लड़ रहा जग देख…
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राजस्थान दिवस पर सृजित गीतिका – झाँकी राजस्थान की
देख चकित होते सैलानी झाँकी राजस्थान की । पावन धरती जानी जाती वीरों के अभिमान की। राणा और शिवा के…
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मां कात्यायनी
माँ कात्यायनी का दिन आया, मन में नव उत्साह समाया। दिव्य रूप माँ कात्यायनी का, जग में ज्योति पुंज बन…
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शहीदी दिवस
खुशनसीब हूं मैं ,जो मैंने ये दिन पाया है भगतसिंह, राजगुरु, सुखदेव का शहीदी दिवस आज आया है कुर्बान…
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आशायें और सपने
आशाओं, सपनों का हर दिन जीवन में एक नया दिन होता है, इनकी पूरी कोशिश करते रहिये, सपनों को मन…
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मौन मुखर हो जाये
मौन मुखर हो जाये, तब कविता बनती है, झुके नयन सब कह जायें, कविता बनती है। शान्त सरोवर की लहरें,…
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चल बोल
उसका ही बिखरा हुआ सब वजूद है,चल बोल! हमारा होना उसके होने का सबूत है ,चल बोल। इस कायनात में…
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बहुत जरूरी है,,,
समाज के नियमों को अब बदलना होगा, लड़कियां संभल गई अब बेटों को संभालना होगा। बेटों की तरह अब बेटियां…
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मात भवानी(गीत)
रूठ न जाना मात भवानी ,हम भक्तन है अज्ञानी। भूल हुई है जो भी हमसे ,क्षमा करो अंबे रानी।। एक…
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मेराल गांव- मटिया
मेरा गांव बड़ा प्यारा है यह सबसे सुंदर सबसे न्यारा है हमसब में एकता भाव और भाईचारा है मेरा गांव…
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