साहित्य
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अपने घर में
अपना घर कितना प्रिय होता है पूरी आजादी होती जैसे मर्जी वैसे रह सकते हैं खुली छूट होती है कोई…
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हमारे यहां का मौसम
जब रसद समाप्ति पर दिए में हो,देता प्रकाश कुछ ज्यादा, जाड़े का भी अंत प्राय है,बर्षा करने को अति पर…
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ऊँची दुकान फीके पकवान – लोकोक्ति
पोते ने पूछा दादा से, बात कहाँ से आई, ऊँची दुकान फीके पकवान, देती मुझे सुनाई। अधिक दिखावा किसी चीज…
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हास्य कुण्डलिया — भौजी पीड़ा
भौजी देवर से कहें, बूझ सुखद उपचार। भाई तेरा नित करे, मुझ पर अत्याचार। मुझ पर अत्याचार, उसे अब स…
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जीवन-एक रंगमंच
यह जीवन है एक रंगमंच गूढ़, जहाँ प्रश्नों से भरा रहता हर सूत्र। पात्र स्वयं से यहाँ अनभिज्ञ खड़ा, और…
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यादों में जीता हूं फिर भी जिंदगी तुझे
जिंदगी कैसी हो तुम, कितनी निर्दय हो सालो से यादों में जी रहा हूं कभी कोई शिकायत नहीं की तुझ…
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शिवार्चन
ॐ जय शिव ओंकारा,प्रभु हरि शिव ओंकारा -2 प्रतिमाह, निशिदिन जो तुमको पूजे, फल पावे आजीवन, नित जो ध्यान करें,…
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पत्रकार की कलम
कागज काला कर देने भर से पत्रकार नहीं बन जाता है सत्ताधारी की मुस्कानों में सच यूं ही दम तोड़…
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सदैव
विचार ऊँचे सदैव रखना । सही डगर आज सोच बढ़ना ।। भला हमेशा हुआ तुम्हारा । सदैव ईश्वर यहां पुकारा…
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शिव गौरा
शुभ फल दाता मां गौरा है, वरदानी भगवान है । शिव गौरा की जोड़ी का तो, जग में बड़ा बखान…
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