साहित्य
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सृष्टि की जननी
आज की नारी नहीं बेचारी,पुरुषों पर भी वह है भारी। कोई नहीं विभाग है ऐसा,जिसमें कार्यरत न हो नारी।। पढ़…
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मौन की व्यथा
मौन की व्यथा को, समझना चाहता हूं । मौन रहकर तुमसे , कुछ कहना चाहता हूं।। जो लिखे थे खत…
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बहे प्रेम का धार
मन उपवन खिल कर मुस्काए, सौरभ बिखरे जीवन में। बहे प्रेम की धार धरा पर, खुशी बसी हो नैनन में…
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जंगल और बस्ती की जंग
सिमट रहा है जंगल अब, गहरा उसका दुख है, पशु-पक्षी बेघर हुए, कैसा यह कलयुग है? दूजी तरफ है भीड़…
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करुणा की लहर: एक नन्ही जान का फर्क
विषय: संवेदनशीलता, निस्वार्थ सेवा और कर्म का आध्यात्मिक महत्व। समय: लगभग 30-40 मिनट। पात्र संख्या: 6 मुख्य पात्र और कुछ…
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बगीचे की सैर
धूप खिली थी बड़ी सुहानी, बगीचे में चली कहानी। डुग्गु भैया दौड़ के आए, संग में नन्हा पुच्चू लाए। आम,…
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कृष्णामृत
यसोदा के नंद लला , लगते है अभिराम । प्रभु दर्शन करने सभी ,जाते उनके धाम । मोर मुकुट कर…
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अंजू श्रीवास्तव ने किया नवोदय निर्झरिणी का विमोचन
नवोदय वैश्विक प्रज्ञान साहित्यिक संस्थान द्वारा प्रकाशित ‘नवोदय निर्झरिणी ई मासिक पत्रिका ‘माह दिसंबर’2025 अंक का आभासी विमोचन वरिष्ठ कवयित्री…
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मोरा मनवाँ कहनवाँ न माने…..
रस-चंद बसंत नेराने सखी। मोरा मनवाँ कहनवाँ न माने।। चंदा लरजि के बहोरे अगनवाँ, मंद मंद महके ला हमरा भवनवाँ,…
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मुस्काते भोले संग मिलकर
मैं दिल की हर एक टहनी पर, लिखता हूं बस शिव का नाम, मद्धिम-मद्धिम बहे पवन जब, खुशबू का आए…
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