साहित्य
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रामराज्य
रामराज्य का सपना पूरा कौन यहाँ कर पाएगा, घर-घर बैठे जो रावण हैं उनको कौन जलाएगा। सड़क नापते राक्षस सारे…
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गज़ल
है बसंती ऋतु खिली मौसम सुहाना हो गया। आप आए दिल हमारा आशियाना हो गया।। देखिए तो फूल कलियां भ्रमर…
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रिश्ते
दूसरों की कमज़ोरी गिनाते हैं यह कैसे रिश्ते हैं जो बदल जाते है!! ना सुकून दिल का मिलता है ना…
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बसंत का संगीत
कितना सुहाना मौसम आया मुरझाए दरख्त फिर लहराया धरा ने ओढ़ी धानी चुनर विधाता ने रंगा केसरिया अम्बर भंवरों की…
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राधा हाइकु
श्याम की धुन राधा हो गई मगन मौन लगन कुंज गली में नाम वही दिल में है राधा-श्याम यमुना तीर…
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मलय पवन
हर दिश बहुरंग संग हरीतिमा कौन भू पर इन्द्रधनुष लाया है इतराती तितलियाँ फूल फूल हर फूल पर नर्तन पाया…
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भारत जन से बनता है
भारत जन से बनता है मोदी जी, सेवा से ही पहचाना जाता है मोदी जी। देश भाषण से नहीं चलता…
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दस्तक,,,,
मैं रात ख्वाबों में खो गई दिल पे दस्तक दे गया कोई,। धड़कनों में प्यार के तार जोड़ गई गालों…
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ग़ज़ल
शाम-ओ-सहर न देख कभी यामिनी न देख। इक शम्अ को जला ले घनी तीरगी न देख। दिलकश नज़ारा ज़िस्त में…
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ढूँढ रहा हूँ अपना बचपन
सरपट दौड़ लगाता अविरल, समय सदा छुटकारे में। ढूँढ रहा हूँ अपना बचपन, यादों के गलियारे में॥ जानें कब वह…
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