साहित्य
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ग़ज़ल
नहीं रास्ते खोज सके जो मुझको आये राह दिखाने। सागर, नदियां, झीलें, झरनें काम न आये प्यास बुझाने। इतनी प्यास…
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हे मन
हे मन! तुम कहां हो? किस नगरी में क्यों बहक रहे हो इधर-उधर के भ्रम में झूठ-फरेब में मत लिप्त…
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कलम सखी हमारी
ये जो दमकती कलम है सखी हमारी, सांवली सूरत है इसकी बड़ी प्यारी, अदब शराफत संग है इसकी अदाकारी, सर…
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ग़ज़ल
सताए वो हमें हरपल, निगाहों से सदा तोड़े । बड़ी कातिल नजर उनकी, अदाओं से सदा तोड़े ।। मिले दीदार…
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तेरा दीदार हो जाय
तेरा दीदार हो जाए अगर तू सामने आए, हर धड़कन गीत बने, हर साँस मुस्काए। तेरी आँखों में डूबा, मैं…
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काश! कुछ बेटों को भी सिखाया होता
बढ़ी तेजी से जमाना बदल रहा है, बेटियों का अब सिक्का चल रहा है। पहले जो घर तक रहती थी…
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कन्यादान : महादान
चक्रवर्ती राजा दशरथ जनक पुरी जब श्री राम व भाइयों की बारात लेकर महाराज जनक के द्वार पहुँचे तो उन्होंने…
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मूरख को करो दूर से नमन
मूरखाधिराज से मत लेना कभी पंगा दषित कर देता है तन मन की गंगा जग जाहिर है इनका अपना…
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आंखों का तारा होना – मुहावरा
पोते ने दादा से पूछा, दादा मुझे बताओ, क्यों कहते आंखों का तारा, अर्थ मुझे समझाओ? दादा बोले ,पोते से…
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शूल बनेंगे फूल
सर्व धरा ज्योतिर्मय होगी, दृश्यमान संगीत। आशाओं के दीप जलाकर, लिख देंगे हम जीत।। लक्ष्य साधकर आगे बढ़ना, साध्य लगेगी…
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