साहित्य

  • फरवरी का महीना

    फ़रवरी का महीना आया, खुशियों और प्यार का पैगाम लाया। बारह भाई-बहनों में सबसे छोटी, लाडली है यह, सबसे प्यारी-छोटी।…

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  • स्व-खोज

    टूटती रही,बिखरती रही, हर सवालों को मैं ढूंढती रही हर राह पर तकती रही,कौन हैं साथ मेरे खुद से भागती…

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  • मांँ सीता की विनय

    धरा की कोख से हुआ जन्म। सुघर थे जिनके सारे कर्म।। बड़ी जब हुईं बढ़ी तब चाह। ब्याह की चिंता…

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  • चांदी अम्बर छू रही

    चांदी अम्बर छू रही, चमक बढ़े दिन-रात। सोना उसके साथ में, कहता अपनी बात। कहता अपनी बात, रजत मुख पीछे…

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  • मुक्तक

    1 — नमामी मातु शारदे, ऐसा दो वरदान। उन्नति के पथ पर चलूं , मिट मेरा अज्ञान। करूं तुम्हारा ध्यान…

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  • नीम हकीम ख़तरे जान – लोकोक्ति

    पोते ने दादा से पूछा, नीम हकीम ख़तरे जान, पता नहीं कैसे दादा जी करते इसकी सब पहचान। दादा बोले,…

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  • आरजू की दर्द

    जल में तैरते मीन को    तड़पते देखा गीली लकड़ी भी हम  को जलते देखा बुढ़े को कोल्हू में जब …

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  • सत्य-अहिंसा

    १ गांधी सत्य अहिंसा जीवन का आधार राष्ट्र को दिया। २ बापू लाठी संग अडिग साहस चले अन्याय से लड़े।…

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  • गज़ल

    न जाना है न देखा है उसी से दिल लगा बैठे बड़ी मुश्किल हुई है ये कि ख़ुद को ही…

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  • चलना होगा साथ

    जैसा भी परिवार मिला हो, चलना होता साथ। लड़की हर संकल्पित रहती,बढ़े थाम पति हाथ। घुलमिल कर रहती वह सबसे,शुभमंगल…

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