साहित्य
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अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस पर कविता
मुस्कान का दीप जलाओ आज, मन के आँगन को सजाओ आज। छोड़ो दुख की सारी परछाईं, खुशियों का गीत सुनाओ…
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गाता वसंत गीत
लिख भावना प्रधान,हो छंद का विधान। जगदीश की पुकार,सुन कीजिये सुधार।। गाते चले सुगीत,हो भाव भी प्रतीत। गाता बसंत गीत,हो…
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20 मार्च विश्व गौरैया दिवस
नीले गगन की गोद में, खोई सी एक कहानी है, सूने आँगन की खामोशी में, गौरैया की निशानी है। कभी…
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विश्व कविता दिवस
कोई तुमसे पूछे अगर कभी, मै कौन तुम्हारी लगती हूँ, तुम इतना ही बस कह देना, मैं स्वप्न सृजन के…
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दुर्गा मातारानी द्वितीय रूप- ब्रम्हाचारिणी
तुम्हीं हो मैया ब्रम्हाचारिणी तुम्ही हो मैया कष्टों को हरने वाली। समृध्दि और वैभव का प्रतीक है एक हाथ में…
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विश्व कविता दिवस विशेष.
विश्व कविता दिवस विशेष. मन के भावों की माला जब शब्दों में ढल जाती है। संवेदनाओं के मोती की…
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विश्व कविता दिवस
शब्द नहीं ये शस्त्र हैं, जो सत्य की राह दिखाते हैं, जब झूठ का अंधेरा छाता, तब कविता दीप जलाते…
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परिकल्पना
न जाने कितने दिनों से बुन रही थी एक ख्वाब। कोई तो आये मेरे ज़िन्दगी मे लाजवाब।। अचानक ही आया…
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नन्ही चिड़िया
वो नन्ही सी चिड़िया दबाकर तिनका चोंच में ढूंढ रही है एक ठिकाना अपनी इन सूनी आँखों से बनाने को…
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विश्व कविता दिवस
कविता अंतर्मन की मधुर पुकार है, भावों का सागर, शब्दों का विस्तार है। कभी हँसी की धूप, कभी अश्रु की…
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