साहित्य
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तेज
तेज का भी अपना एक, विशिष्ट तेज होता है बिल्कुल दिनकर की, रश्मियों की तरह कोई इस तेज से जग…
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नारी: एक अनकही इबारत
जब-जब तुम्हारी कहानियाँ लिखी जाएंगी, स्याही में समर्पण और पन्नों पर साहस उतरेगा। तुम महज़ एक नाम नहीं, पूरा का…
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पक्षी बचाव
लेकर आस कुछ दानों की, गौरैया मुंडेर पर आती है । सूना- सूना सा भोर होता, अब न चिड़ियाँ चहचहाती…
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जय माँ ब्रह्मचारिणी
फूलों से भवन सजाया , तुमको बुलाएँ माँ हे मैया ब्रह्मचारिणी,अब आ भी जाओ मांँ फूलों……. माँ गौरवर्णी है तू…
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बाल गीत पर्यावरण छंद मुक्त विश्व गौरैया दिवस
मुन्नी कहती रानू से आज बड़ी ही धूप है गर्मी का मौसम आया गर्म हवा चली है। आम के बगीचे…
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मेरे एहसास
ख्वाहिशों की भी एक ख्वाहिश थी मुझसे मिल सके वो एक बार ढूंढा बहुत पर मुझसे मिल ना पाई लौट…
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जय माँ ब्रम्हचारिणी दोहे
ब्रह्मचारिणी मातु का , दूजा है अवतार। हाँथ कमण्डल मातु के, करती बेड़ा पार।। चाह थी महादेव की, करती थीं…
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जय माँ चंद्र घण्टा
फूलों से भवन सजाया,तुझको मनाएँ माँ आ जाओ चंद्रघण्टा ,तेरी आरती गाएँ माँ आ…… तू गौरवर्णी है माँ ,तेरी सिंह…
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नव वर्ष मंगलमय हो
मंगलमय नव वर्ष आपको, दे दे खुशियां सारी । आधिव्याधि सब दूर होय नित रक्षा करें मुरारी ।। बीता गया…
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विश्व कविता दिवस पर दो कुंडलिया छंद
कुंडलिया १ – कविता अनुभव की तपन, शब्द जाल ना होय। सच्ची शोभित वेदना, मन को सींचे सोय।। मन को…
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