साहित्य

  • जाति के चंगुल में

    यह देश फंसा है जाति के चंगुल में जहां इंसानियत मानवता रो पड़ती है जहां होती है सामाजिक भेदभाव यह…

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  • ग़ज़ल

    मंजिल मिले न मिले, यह मुकद्दर की बात है, पर हम कोशिश भी न, करें यह तो गलत बात है।…

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  • सत्य अहिंसा परमो धर्म : शहीद दिवस : हे राम !

    महात्मा गांधी को ईसा मसीह और महात्मा बुद्ध जैसा सम्मान मिलता है, लार्ड माउन्ट बेटन ने गांधी जी की हत्या…

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  • ऋतु बसंत

    फूलों की सौगात लेकर आया ऋतुराज बसंत, धरती के सब कोने-कोने पुष्प करें चहुँओर सत्संग। सूर्योदय की आभा रक्तिम, होए…

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  • लालटेन

    जाड़ों की रात में जब ठंड बढ़ जाती है शाम होते ही सन्नाटा पसरा जाता है गली नुक्कड़ सूने हो…

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  • तन्हा

    ज़िन्दगी बोझ लगने लगती है जब कोई, तन्हा होता है!! ख़ूँ के आंँसू पीने लगता है ज़ार-ज़ार रोने लगता है!!…

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  • ग़ज़ल

    दोस्त   मेरा   वो    पुराना    आ   गया। हाथ  में    कोई    ख़ज़ाना   आ   गया। तन्हा    तन्हा    जिन्दगी   मायूस   थी, अब  नया  सपना …

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  • धोखा है भाई धोखा है

    सबका साथ सबका विकास का नारा होगया खोखा है यूजीसी नव अधिनियम …… .धोखा है भाई धोखा है कदम मिलाकर…

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  • शहीद दिवस

    शूर भी तुम, वीर भी तुम हो, तुमसे रण की पहचान है, सीमा पर अडिग खड़े तुमसे भारत की शान…

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  • यातायात अनुशासन

    अनुशासन से ही चलता है,मानव जीवन संसार। बिन अनुशासन यह जीवन,हो जाता है बेकार।। अनुशासित जीवन से खुलते,सफलता का द्वार।…

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