साहित्य
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कविता
हम देश की बेटियां हैं साहब अब सपनो को सच कर दिखाएंगे जो रोका गया सदियों से, राह बना दिखाएंगे…
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नन्हीं गौरैया
मैं हूँ इक नन्हीं गौरैया, डोलती रहती घर आँगन बगिया। 1-वृक्ष लगाओ,खूब बढ़ाओ, शाख-शाख पर चुन-चुन कर तिनके, मैंनीड़ सलोना…
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कृपा करो माता रानी
कृपा करो माता रानी दर्शन को माँ तेरे द्वार पर आई , कृपा करो माँ जगदम्बे भवानी। द्वितीय स्वरूप ब्रह्मचारिणी…
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साहित्य को भी पढ़ लो दोस्तो
साहित्य को भी पढ़ लो दोस्तों,ये जीवन का आईना है, हर शब्द में छिपा हुआ एक सागर-सा नगीना है। कभी…
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शक्ति का अनंत विस्तार
नव संवत्सर का पावन क्षण, चेतना का जागरण, जग में फिर से गूँज उठा माँ का दिव्य आवाहन। श्रद्धा के…
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चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन: तप और संयम की प्रतीक मां ब्रह्मचारिणी
चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना को समर्पित होता है, जो तप, त्याग, संयम और साधना की…
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कहते है जिसे ज़िंदगी
कहते है जिसे ज़िंदगी करीब से देखा है मैने उसे करीब से जाना है मैने उसे कभी मुठ्ठी में बंद…
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राम किशोर वर्मा
नाई ने मेरी दाढ़ी को अंतिम रूप देते समय दुकान में आये एक वरिष्ठ नागरिक को संबोधित किया – “राम-राम…
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ग़ज़ल : “अल्प वेतन का संघर्ष”
अल्प वेतन में किसको, क्या-क्या मैं दिलवाऊँगा, सीने पर पत्थर रखकर, पहले बेटा-बेटी पढ़ाऊँगा।। घर की चाहत, रिश्तों के ताने,…
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अलसभोर में गौरैया
अलसभोर में गौरैया चहकती हो आंगन में मेरे इस इंतजार में कि दरवाजा खुले और रोटी के टुकड़े डालें कोई…
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