साहित्य
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जय जननी, जय भारत माँ
जय जननी, जय भारत माँ शत-शत नमन तुम्हें जय जन्म भूमि, जय कर्म भूमि शत बार नमन तुम्हें!…. तेरी गोदी…
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वादा किया तो….
जो कहा है उसे करना, यही इंसान की शान है, लफ़्ज़ नहीं खिलौने होते, इनमें लफ़्ज़ों की जान है। वादों…
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चाहत की पंख
चाहत की पंख लगा बन जा जाबांज ग़गन में उड़ जा बन कर तुँ परवाज दृढ़ इच्छाशक्ति को करना है …
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ये प्यार की बातें, मैं और तुम
ये प्यार की बातें, मैं और तुम, खामोशी बोले, मैं और तुम। सांझ की चादर, तारों की धुन, दिल की…
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आदिवासी सृजन मसीहा डॉ रामशंकर चंचल
इतिहास रचना कोई आसान बात नहीं आदिवासी सृजन मसीहा जैसे सम्मान पर दस्तक देना जीवन में कोई भी किसी भी…
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एल्बर्ट इक्का
जमा दिया था युद्ध मे अपने शौर्य का सिक्का झारखंड का लाल था वो था वो एल्बर्ट इक्का।। इकहत्तर की…
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जीवन का सफ़र
चल रहा ये सफर, जीवन का सफर। इसमें आनंद ही आनंद, साथ ग़म के भी बादल, कब तलक चलेगा,नहीं है…
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मायूसी
न जाने क्या लिखा है , हाथो की चंद लकीरों में, चाहत का कोई मोल नहीं, लगता है अब तकदीरों…
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सम्हल कर पग रखना
धीर वीर गंभीर सदा कहें,गिन-गिन कर पैर रखना। बुजुर्गों की राय रहे हितकारी,मानों उनका कहना।। अनुभव से सदैव बात करें,सम्भल…
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कहानी: कर्ज़
ग्रेजुएशन का तीसरा साल और भविष्य की धुंधली तस्वीरें। किरण के लिए यह साल केवल डिग्री का नहीं, बल्कि अस्तित्व…
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