साहित्य
-
नवदुर्गा उत्सव
शक्ति सुमिरन करें सभी,पूजन करते मात। नवदुर्गा का आगमन, मिटते दुख आघात।। नियम धरम उपवास से,जपते दुर्गा नाम। माता की…
Read More » -
गौरेया
आंगन की रौनक नन्ही सी जान, प्यारी गोरिया मेरी शान। फुदक फुदक कर वह आती है, मीठे गीत सुनाती है।…
Read More » -
नव संवत्सर: इस बार ऐसे आना
नवल इस वर्ष में सबका करें जी भर के अभिनन्दन। रहे सुख-शांति घर सबके करें भगवान का वंदन।। भरा उल्लास…
Read More » -
बालगीत
* हमारे आंगन का कोना लगे गौरैया बिन सूना * पंख पसारे वो आती थी बच्चों को भी संग लाती…
Read More » -
कहानी : पंछियो का दाना पानी
एक मैं ऑफिस से घर आया और मेरी बेटी आठ साल की एक गिलास पानी लायी मेरी बेटी मुझसे बोली”…
Read More » -
गज़ल
पावन धरा अयोध्या अवतार हो गया है गंगा नहा के जीवन केदार हो गया है अब पूर्ण हो गई है…
Read More » -
अब गौरैया ने आँगन में, आना छोड़ दिया
अब गौरैया ने आँगन में, आना छोड़ दिया। वृक्ष काटकर नीड़ मनुज ने, उसका तोड़ दिया।। स्वार्थ पूर्ति खातिर मानव…
Read More » -
ऊं ब्रां ब्रीं ब्रूं ब्रहाचारिण्यै नमः
नवरात्री के दिनों में ये दूसरा दिन ब्रहाचारिणी देवी के अवतारका प्रतीक है ।इनके अवतार का अर्थ ही तप का…
Read More » -
नन्ही गोरैया
छत की मुंडेरों पर चहकती थी जो, वो नन्ही सी गोरैया कहाँ खो गई? कभी आँगन की रौनक थी जो,…
Read More » -
अंतिम ऊंचाई,,,
अंतिम ऊंचाई,,, ऊंचाइयों का कोई पैमाना नहीं होता, क्या पहली और क्या अंतिम ऊंचाई? दिल में उम्मीदों के दीए तब…
Read More »