साहित्य

  • कभी समय कमजोर कभी बलवान होता है

    *** कभी समय कमजोर कभी बलवान होता है। जो निभाता धैर्य से वह ही इंसान होता है।। ** दुःख में…

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  • पानी

    पानी जीवन के लिए, है अमोल उपहार। निर्मल पानी पीजिए, पाओ खुशी अपार।। पाओ खुशी अपार, रहे अनवरत रवानी। सकल…

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  • वै.वि.व कर्म-१३

    काफिर को लटका दो फाँसी,सरेआम राजमार्ग के चौराहे पर। इन्सानी इसमें रुह नहीं,पथभ्रष्टी है,कुफ्री ,चलता ये कुराहे पर।। शहजादी सुनकर…

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  • वो अजनबी

    वो अजनबी जिंदगी की भाग-दौड़ से थककर या हारकर आज मैंने घर छोड़ दिया था।भाग जाना चाहती थी इस घर…

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  • मन की देहरी पर उजास

    तुम रखना खामोशियाँ शोर के बीच भी मन की सबसे सच्ची आवाज़ बनाकर। रख देना आँसू दरवाज़े के बाहर, क्योंकि…

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  • बसन्त पंचमी

    बसन्त’ पंचमी’ या ‘श्री पंचमी’ भारतीय संस्कृति में एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष…

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  • बसंत

    आसमां में लालिम से सुहानी शाम आई। पुरानी अनकही बातों ने मन से कुछ कह पाई। परिंदे लौट आए अपने…

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  • अच्छाई व बुराई: एक सिक्के के दो पहलू

    हमारी व्यवहार कुशलता जीवन का वह दर्पण है, इसका जितना अधिक सदुपयोग किया जाता है, जीवन का प्रकाश उतना ही…

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  • क्या हम स्वतंत्र हैं

    आजादी के बीत गए हैं,आज अठत्तर साल। फिर भी हरदम घुटती रहती, हाल हुए बदहाल।। आजाद कहूँ खुद को कैसे,…

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  • सरस्वती माँ का पावन पूजन पर्व

    सरस्वती माँ की पूजा का,पावन पर्व वसंत पंचमी। वैदिक धर्म संस्कृति का,पुन्य पर्व है वसंत पंचमी।। सनातन हिन्दू धर्म में…

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