साहित्य
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मां सरस्वती दिवस पर दस्तक देती
बसंत पंचमी लो फिर आ गई मां सरस्वती तेरा जन्म पर्व है तुम क्यों नहीं आती लभ तो दस्तक दे…
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शगुन का लिफ़ाफ़ा
आजकल शादियाँ भी युद्ध स्तर पर होने लगी हैं। व्हाट्सएप पर कार्ड भेजने के साथ-साथ मिठाई के बड़े-बड़े डिब्बों और…
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हर गली मेरी अपनी हैं
घर से ये सोचकर निकला हर गली मेरी अपनी हैं, हर दरवाज़े पर दस्तक दी मैंने तब जाना बेकदरी ही…
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हर गली मेरी अपनी हैं
घर से ये सोचकर निकला हर गली मेरी अपनी हैं, हर दरवाज़े पर दस्तक दी मैंने तब जाना बेकदरी ही…
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ग़ज़ल
नफ़रतों से रिश्ता नाता छोड़ दें। इस तरह लड़ना लड़ाना छोड़ दें। इतना कोई है नहीं अब नासमझ, ये सियासत …
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गीत – कान्हा अब तो आ जाओ पास
नेह प्रकृति जबअद्वत दिखती। भरता अंतस वियोग वेदना। गरविस्मरण हुए निज पहचान, शून्य और हो स्वभाव चेतना। छवि निहार सुखद…
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करे खूब अपना शृंगार
हर पूनम की रात चाँदनी, करे खूब अपना शृंगार । शीतलता बरसा पृथ्वी पर, जीवों को देती उपहार ।। चाँद…
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रायपुर में कहानिका अखिल भारतीय कवि सम्मेलन सह सम्मान समारोह का भव्य आयोजन
रायपुर (छत्तीसगढ़) : शांतिनगर स्थित विमतारा भवन में “कहानिका” हिंदी पत्रिका के तत्वाधान में 18 जनवरी 2026 को आयोजित अखिल…
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दर्शन
दर्श कर दर्शन विषय को, भाव ऐसे पुलकित हुए, आत्मा में ही परमात्मा के वास का एहसास किए। जो बसा…
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धरती माता के कुछ प्रश्न
हुआ धरती पर हुआ वसंत आगमन, खिले कहीं कहीं है कुछ सुमन, प्रसन्न नहीं धरती माता का अंतर्मन, इसलिए पूछती…
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