साहित्य
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निकटता की सतह के नीचे पसरी अदृश्य दूरी,,,,
कभी-कभी हम रहते हैं साथ-साथ, एक पल के लिए भी छूटता नहीं हाथ। एक राह पर चलते हैं हम हमराही,…
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आदित्य मृत्यु होना निश्चित है
मन के अंदर संघर्ष-द्वन्द्व पर चेहरे पर छायी रहती है मुस्कान मधुर, जीवन जीने का सरल सहज पथ, जीवन रंगमंच…
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चलो रूमानी हो जायें
चलो थोड़ा रूमानी हो जायें मौसम भी थोड़ा सर्द है, हवाओं में भी मादकता है, और…., चाँदनी भी सर्द है,…
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प्रेम महिमा
प्रेम गली अति पावन जानो, इसे सत्य की मूरत मानो। हृदय बीच हो इसका वासा, मिट जाए सारी दुराशा। बिना…
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जीवन मरण का खेल है जीवन
जीवन मरण का खेल है जीवन, आना-जाना मेला है, आज खिला जो फूल यहाँ, कल उसका ही झमेला है। हँसते-हँसते…
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गई भैंस पानी में – लोकोक्ति
दादा जी ऐसा क्यों कहते, गई भैंस पानी में, जानबूझकर इसको कहते या फिर नादानी में। दादा बोले किसी काम…
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दिव्य प्रेमात्मा
ब्रज के कण-कण में रचा,बसा मधुर सलोना संसार। राधे-मोहन पुण्य प्रेमात्मा द्वय,के एक दूजे से प्यार।। पावन ब्रज की मोहिनी…
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प्रेम
अनुपम लीला प्रभु की न्यारी। प्रेम भक्ति है सबसे प्यारी।। इसके बस में दुनिया सारी। महक उठे उर की फुलवारी।।…
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बसंत
कल मौसम फिर करवट बदलेगा, सूर्य ऊष्मा धरती पर फैलाएगा। सरसों कुसुमित हो हँसी बिखेरेगी, खेत-खलिहान में बसंत झूमेगा गाएगा।…
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होली गीत
गिरा दो नफ़रत की दीवारें,अब फैलाओ प्यार आया होली का त्यौहार…. हवा बसन्ती बहने लगी है कानों में यह कहने…
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