साहित्य
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मुकरी
उमड़ि घुमड़ि करि गाये कजरिया,नील बदन-ढ़ांपि पतुरिया, देहियां छुइले सिहरावन लागे, नियरे सटले बिजुरी डहकावे। ऐ सखि!सच कह मोर ह…
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विचलित
हे प्रभु संतति पर दुख आया । दिखता चहुंँ दिश काला साया ।। विचलित होकर काटू रैना । नीलम के…
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पैसा, वक्त और संस्कार
पैसा और वक्त दोनों ही मूल्यवान हैं, जीवन में दोनों की बड़ी अहमियत है, दोनों में फ़र्क़ बस इतना होता…
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दोहे- वसंत
मंद पवन चलने लगा, तनिक खिली है धूप। ऋतु वसंत की आ गई, चढ़ा धरा पर रूप।। झोंके शीतल छू…
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समय की ताकत जो समझ पाया, उसी का है जिन्दगी पर अधिकार : पुस्तक-समीक्षा
पुस्तक- मैं समय हूँ रचनाकार- दिलीप कुमार पाण्डेय समीक्षक- अतुल कुमार शर्मा जब कोई साहित्यकार अपना लक्ष्य लेकर सृजन की…
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युग प्रवर्तक स्वामी विवेकानंद
बने जगत के श्रेष्ठ प्रवर्तक नतमस्तक हुआ समाज । कर्म योग के बने उपासक संपूर्ण जगत में राज।। अमर सत्य…
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गीत
मन यह खग सम क्यों उड़ता है,व्याकुल हो क्यों करता शोर। क्षणिक खुशी जब-जब मिलती है,नाचे मन का आतुर मोर।।…
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डॉ उषा अग्रवाल जलकिरण
युवाओं के मन में बसी है तिरंगे की शान। धड़कन में बसता सदा अपना हिन्दुस्तान।। राष्ट्र भक्ति का दीप जला…
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विनम्र श्रद्धांजलि
पिता जीवन का “दुर्लभ”संयोग कभी न हो उनसे वियोग! पिता होते तो बन जाती हर बात, मिल जाती “जीवन की…
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मकर संक्रान्ति
देखो आई मकरसंक्रांति,खुशियाँ लाई साथ अनेक, पूरब से दक्षिण तलक है धूम मचाई, भारत के त्योहारों की रेलमपेल मचाई, शुभ…
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