साहित्य

  • मां

    जीवन के इस किस्से में। हर पल के हर हिस्से में तुम ही तुम समाई हो मां, जाने के बाद…

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  • जागो तुम

      जागो तुम देश के प्रहरी सजग हो जाओ जीवन के सत्य पथ पर चलकर दिखलाओ एक नव ज्योति जलाओ…

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  • आराम है हराम

    जागो वत्स खुद को  तुम पहचानों अपनी युवा शक्ति को भी     जानों तेज है तेरी शक्ति की   अनुपम धार…

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  • उम्रदराज

    70 के बाद का जीवन बोझ नहीं, वरदान है जिसे समाज अंत समझ लेता है, वही उम्र सबसे गहरी समझ…

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  • लोहड़ी

    लोहड़ी आई खुशियाँ लाई, चारों ओर रौशनी छाई। सर्दी की ठिठुरन को भूलो, अग्नि की परिक्रमा कर लो। डालो गिद्दे…

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  • नौ दो ग्यारह होना – मुहावरा

    दादा जी सब जन क्यों कहते नौ दो ग्यारह होना , इसमें ऐसी बात क्या जो रोते सब यह रोना।…

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  • व्यंग

    “”गंगा जल पी लेने से, यदि मीटती भूख हमारी, मस्जिद में मंदिर बनवादो, लेकर पैसा सरकारी। कन्या का धन लेने…

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  • दोस्ती या दुश्मनी

    अल्फ़ाज़ तो मिले क्या कहे तुमसे दोस्ती रखे या दुश्मनी तुमसे!! तुम जिस रास्ते पर जा रहे हो अलग है…

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  • सर्दी

    मन्द ताप रवि का होते ही,शीत पड़े विकराल। घूम रहे नर नारी देखो, कांधे ओढ़े शॉल। दिनकर खेले आंख मिचौली,त्याग…

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  • नई पीढ़ी सौंपनी शुद्व स्वच्छ पर्यावरण विरासत

    1 वृक्षों से ही हमारे जीवन में आती हरियाली है। प्रकृति पोषित और हर ओर होती खुशहाली है।। पर्यावरण सरंक्षण…

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