साहित्य
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बातें
नफ़रत के शहर में प्यार की बातें सुकून दिल को नहीं मिलता, फिर क्यों कहांँ की बातें!! ख़्वाहिशों से भी…
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रिश्ते में खोंट
विकास का राजनीत या , राजनीत का विकास है । सामने है मूल दरवाजा तो , पीछे बना ये निकास…
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मिलन
प्रभु मिलन की आस लिए चल पड़े कदम मंजिल की ओर , आगे है घनघोर अँधेरा डगर कठिन है मंजिल…
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नव-वर्ष
हर सुबह नया कोई अरमान मांगूंगी, नव साल में ज़िंदगी से वरदान मांगूंगी। बीते हुए लम्हों की राख समेटकर, कल…
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मृगतृष्णा
मृगतृष्णा लम्हा लम्हा बीत गया जीवन सारा बीत गया!! प्यार वफ़ा सब रिश्ते नाते साथ कई का छूट गया!! बंधन…
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हमदर्द जिन्दगी में भी
हमदर्द जिन्दगी में भी नाकाम रह गया वो कामयाब हो के भी हमनाम रह गया।।//१// तन्हा सफ़र में हमसफ़र बन…
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वो लौट के घर न आया
शहीद मनोज कुमार जी की शहादत को नमन करते हुए, यह कविता उनके परिवार के इंतजार और उस खालीपन को…
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एक योग्य पुरुष
पुरुष बनना भी आसान नहीं होता है जीवन में संघर्षो का दौर होता है अडिग रहना बीमार पत्नी के…
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आने वाले साल सुनाओ
इधर नफरतें जस की तस हैं उधर भला क्या हाल सुनाओ, कब चाहत के फूल खिलेंगे, आने वाले साल सुनाओ।…
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यादें
कुछ छूट जायेगी, कुछ भूल जायेगी। बीते दिनों की यादें कुछ रह जायेगी।। कितने नए बन गए कितने हो गए…
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