साहित्य
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(no title)
कुंडलिया आना-जाना ज़िंदगी,सच्चा मानव धर्म। धरती पर छूटे सभी,साथ चलेगा कर्म।। साथ चलेगा कर्म,सदा यह भाग्यविधाता। व्यर्थ नहीं यह देह,कर्म…
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दिल में जो सुलग रहा गज़ल
दिल में जो सुलग रहा वह आग ही तो है हृदय में बस रहा है वह अनुराग ही तो है।…
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50-60 का दशक-अतीत की सैर का पार्ट-1
उस बचपन को धन्यवाद है,मैं उसका हूँ आभारी। 50-60 के दशक दौर का,मैं दिल से हूं आभारी।। वो दौर लौट…
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आत्मबल का उपहार
जीवन में कठिनाई जब भी आती है तो कष्ट देती है, और जब जाती है तो उस कष्ट से अधिक…
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कहानी मीठे रिश्ते
“भाभी माँ ” “ओफ भाभी….! कितना ले जाऊंँगी..बस हो गया” नम्रता ने कहा “क्या हो गया….कभी-कभी तो आती है….तुम इनकी…
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चाहतों का सफर
कभी खत्म नहीं होता है –ये चाहतों का सफर, अनदेखे सपनों की चाहत बचपन से जवानी तक फिर बुढ़ापे से…
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सकारात्मक सोच
हर वस्तु, प्राणी में अच्छा देखना, ये मन को समझाना सिखाना है , सोच बदलते ही अपने जीवन में, नव…
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ग़ज़ल
है थकावट बहुत पर चलता रहूंगा। हौसलों के साथ में बढ़ता रहूंगा। अब संभालना आ गया टूटा बहुत में। अब…
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आनन्द
सच्चा आंतरिक आनन्द सर्व -निर्मित होता है कोई अंत नही अनन्त है। आनंद ही आनंद है । मेरी आंखों में…
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