साहित्य
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नोबेल पुरस्कार की सनक
नोबेल पुरस्कार की सनक ऐसी चढ़ी की, ट्रंपवा हाथ में पकड़ खुश हो रहा है। सारी दुनिया चिंतित और परेशान…
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आरज़ू
ज़िन्दगी का कोई भरोसा ही नहीं कोई अपना इसमें दिखता ही नहीं!! वादे होते हैं अक्सर झूठे बोलती आंँखों को…
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छुआछूत
विकास शील देश में अपने, छुआछूत है अभिशाप हुआ। प्रभु के प्रति अपराध बोध यह, मानवता के प्रति पाप…
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क्या अपराध करता हूँ?
आज कई दिनों बाद मित्र यमराज भागते हुए आया और पूछने लगा – प्रभु! क्या आपको भी डर लगता है?…
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ये किताबे मेरी दोस्त है यारो
#ये किताबें मेरी दोस्त हैं यारो, तन्हा दिल की आवाज़ हैं यारो। खामोशी में बातें करती, सच की राह दिखाती…
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कब आओगे मोहन
कब आओगे मोहन अखियां तरह रही है दरश को तेरे ये कब से बरस रही है कहीं भूला तो ना…
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नाजायज़ संबंध की दुःखद कहानी
फिर किसी की हवस ने, ये काम किया। किसी की जिंदगी का काम तमाम किया।। अय्याशियों के गलियारे में, मिट…
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व्यंग
“”टाटा, बिरला सेंसेक्स देख लो, हो ना नम्बर वन। बुधिया के झोपड़ में देखा, ठंढा चूल्हा, लटकी गन।।
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मेरे एहसास
तुमसे मिले प्रेम,अपनापन,परवाह,भरोसे को बड़े ही जतन से हृदय में संभाले रखा हैं तुमनें जो दिया मैंने उसे विस्तृत कर…
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रिश्ते के रास्ते
रिश्ते के रास्ते चलो रे प्राणी , निर्मल हृदय मृदुल ले वाणी , सद्भाव मिले इस राह मानव , श्वान…
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