साहित्य
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एक पवित्र पावन
एक पवित्र पावन अनुपम कृति प्यार की पावनता का नाम है वो गली वो मकान जीवन के अद्भुत साथी के…
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कालचक्र विधा -दोहा
कालचक्र में सब बंँधे, कर्मों के अनुरूप। राजा होता रंक है, रंक बने है भूप।। कालचक्र के साथ में,चलता…
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जिम्मेदारी के बोझ तले
हसरतें है मेरी भी कुछ मैं भी एक जान हूं जिम्मेदारी के बोझ तले दबा हुआ मैं भी एक इंसान…
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वसुंधरा
वसुंधरा तू धैर्य की, अनुपम सुंदर शान। तेरी गोदी में बसा, जीवन का सम्मान।। हरी चुनरिया ओढ़कर, करती जग श्रृंगार।…
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मन चंगा तो कठौती में गंगा
मन का दर्पण साफ़ अगर है तो हर जगह तीर्थ नज़र आता है कठौती का जल भी पावन लगे हर…
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केवट की विनती मुखड़ा
मेरी छोटी सी है नाव, तेरे धूल भरे हैं पाँव, कैसे बिठाऊँ तुझे नाव में, मुझे डर लागे… गंगा…
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हम भ्रष्टन के
हम भ्रष्टन के भ्रष्ट हमारे, रंग रूप आचार एक सा, एक से हैं सुर ताल हमारे। हर तिकड़म में…
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मुफ़्त का मोल और ज़िंदगी की मुश्किलें
ज़िंदगी का कठिन होना कोई अभिशाप नहीं, बल्कि मानवीय फितरत को सुधारने का नियम है। इंसान बिना संघर्ष या मुफ़्त…
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अतीत से अब तक…. फीफा विश्व कप…
कहते हैं जब युद्ध की विभीषिका अपने पैर फैलाती है तो समाज का कोई आंगन इससे अपने आपको सुरक्षित नहीं…
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कुकुभ छंद में परमात्मा की स्तुति 16 -14 अंत2 गुरु
देवों के देव महेश्वर को , करूँ नमस्ते वरदानी। हे कतुक्षयी अंधविमोचन, वंदे कनकपुत्र ज्ञानी।। ज्ञान नहीं ओंकारेश्वर हे, शिव…
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