साहित्य
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हर वर्ष दिवस मनाते हैं,
हर वर्ष दिवस मनाते हैं, फिर भूल वही दोहराते हैं, तम्बाकू को दोष भी देते,और स्वयं उसे अपनाते हैं।” …
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हिन्दी पत्रकारिता दिवस संगोष्ठी का आयोजन
मुजफ्फरपुर। भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ से संबद्ध बिहार प्रेस यूनियन के तत्वावधान में श्री नवयुवक समिति ट़स्ट, सरैया गंज, मुजफ्फरपुर…
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वृद्धाश्रम क्यों बढ़ते जा रहे है।
वृद्धाश्रम क्यों बढ़ते जा रहे है। मानव जीवन अति मूल्यवान भगवान सृष्टि किया रहस्यवान छोटे और बड़े लोग रहना…
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मालवा की पावन धरती पर
मालवा की पावन धरती पर, एक दिव्य किरण जब आई थी, गांव चौंडी की मिट्टी ने, अहिल्या रूप में लाज…
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नशा
नशा करोगे जीवन का विनाश करोगे। नशा करोगे धन संपत्ति से कंगाल रहोगे। नशा करोगे अपने गृहस्थ जीवन से दूर…
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विश्व तंबाकू निषेध दिवस
तंबाकू छोड़ो, जीवन जोड़ो” तंबाकू है एक धीमा ज़हर, जो जीवन को करता बेअसर। पहले आदत, फिर लत बन जाती,…
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जहां प्रश्न खो जाते हैं, और उत्तर विलीन हो जाते हैं’
पूरी सृष्टि का अदृश्य केंद्र प्रेम है, जो मात्र एक भावना नहीं बल्कि वह ब्रह्मांडीय गुरुत्त्वाकर्षण है, जो अस्तित्व को…
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मिल गए नैन भोले
भोले से मिल गए मेरे नैन, मिल गया हमको कितना चैन, नहीं मिलते जब भोले तो, ये मन हो जाता…
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अंत ही प्रारंभ
मनोमस्तिष्क में है एक ही बात, अंत से ही तो आया है प्रारंभ। न आता पतझड़,न होता बसंत, न आती…
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ग़ज़ल
जहाँ तक भी नजर जाती सियासत ही सियासत है। मुहब्बत की जगह हरआँख में केवल अदावत है।। नशा दौलत…
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