साहित्य
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स्वच्छ रखो अपना शहर यारो
स्वच्छ रखो अपने शहर को मेरे यारो अपने घर हर गली में खुशबू फैले साफ रहे ये डगर। न गंदगी…
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प्रकृति-स्वर
हरित धरा हँसे नभ निहारे शांत नीली छटा फैली बादल तैरे स्वप्न पवन गीत सुनाए पत्ते नाचें राग सूरज किरण…
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पीढ़ियों के बीच सेतु
दादा- दादी की सीख है पंच तंत्र की कहानी। संस्कार सिखाती है खेल से बनकर वही दीवानी। चलना पैर उठाकर…
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अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारना – लोकोक्ति
दादी से नाती ने पूछा, बात बताओ सारी, कहते अपने पैरों पर, खुद ही कुल्हाड़ी मारी। दादी बोली जानबूझकर गलती…
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मेरे जज्बात
मुझे समझना हर किसी की बात नहीं, चेहरे से मन का अंदाज, नहीं लगता। मैं वो कोरे पन्ने की किताब…
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पुस्तक हमारे लिए एक वरदान ( हाइकु )
पुस्तक एक ज्ञान शक्ति ग्रंथ है कि तुम पढ़ो। ज्ञान भंडार मिला है किताब से पढ़ाई में ही। सरस्वती के…
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कविता समीक्षा-नव-प्रस्तावित ‘आइकू विधा’
डॉ ओम प्रकाश मिश्र मधुब्रत(अज्ञातमेघार्जुनजमदग्निपुरी) की नव-प्रस्तावित ‘आइकू विधा’ की कविता समकालीन संवेदनाओं की अभिव्यक्ति प्रतीत होती है, जिसमें…
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किताब
किताबें हमारी मार्गदर्शक होती है किताबें शिक्षा का उद्भव होती है!! बहुत सीखने को मिलता है इनसे, किताबें सदा नवल…
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नफरत का बाजार
धू-धू कर जल रही जगत में,दानवता की आग। नफरत का बाजार चतुर्दिक,खूनी खेलें फाग।। जातिवाद का जहर घुला है, बिखरा…
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संस्मरण- कुछ नया सीखा
दिल्ली के सरकारी विद्यालयों का शिक्षा के क्षेत्र में अपना ही एक अलग मुकाम है। उच्च शिक्षित अध्यापक-अध्यापिकाएँ, ऊँची-सुविधाजनक इमारत,…
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