साहित्य

ख़ुशियों की चाभी सफलता देती है

विद्यावाचस्पति डा० कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’

सफलता की चाभी से ख़ुशी नहीं मिलती,
परंतु ख़ुशियों की चाभी सफलता देती है,
हम जो कुछ करते हैं, यदि दिल से करते हैं,
तो ऐसे कार्य सफलता भी प्राप्त करते हैं।

जो हृदय से सच्चे व ईमानदार होते हैं
वह व्यक्ति अकेले भी रह जायँ तो भी
निश्चिंत व हमेशा चिंता रहित होते हैं,
क्योंकि उनका साथ सदा भगवान देते हैं।

जिनका दिल साफ़ होता है उनकी
मुस्कान उतनी ही ख़ूबसूरत होती है,
उनकी यही मुस्कान उनके विरोधी
का हृदय आसानी से जीत लेती है।

इसलिए सच्चे हृदय से हँसते रहिये,
सारी दुनिया को अपने वश में करिये,
ज़िन्दगी हँसते खेलते बीत जायेगी,
जाते जाते जग में निशानी छोड़ जाएगी।

कोई हमारी निंदा करे या प्रशंसा करे,
माता लक्ष्मी आप पर धन की वर्षा करें,
हमें सत्य व न्याय पथ कभी न छोड़ना है,
मंज़िल पर चलकर सफ़र तय करना है।

समय कितना भी मुश्किलों भरा हो,
अपनी आस्था सदा बनाए रखनी है,
ईश्वर जिसे कुछ भी देना चाहता है,
उसकी कठिन परीक्षा ज़रूर लेता है।

आदित्य अशांत मन तभी शांत होता है
जब लोभ की गठरी पीछे छूट जाती है,
खुद का दुख, और का सुख यदि न गिने
तो ज़िंदगी की राह आसान हो जाती है।

विद्यावाचस्पति डा० कर्नल
आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’
लखनऊ

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