आलेख

पृथ्वी संरक्षण

सुषमा श्रीवास्तव

 

प्राकृतिक असंतुलन के कारण बहुत तेज़ी से ग्लोबल वार्मिंग की समस्या बढ़ती जा रही है,जबकि जागरूकता भी जारी है फिर भी हम सब को मिल कर पर्यावरण की चुनौतियों मसलन ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण के खिलाफ लामबंद और जैव- विविधता संरक्षण के प्रति संकल्पित होना होगा। इसके लिए तत्काल अपने आचार-व्यवहार में बदलाव लाना होगा। हेरिटेज फाउंडेशन सरीखी वन एवं पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाली दूसरी संस्थाओं को भी इसे जनान्दोलन बनाने के लिए आगे आना होगा।
इस पृथ्वी दिवस पर ये लीजिए संकल्प
1. प्रतिबंधित प्लास्टिक और पॉलिथीन का इस्तेमाल न करें।
2. परिवार में खुशियों के हर मौके पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं।
3. घर, शौचालय और बाथरूम की सफाई में एसिड का इस्तेमाल न करें बल्कि बायो क्लीनर का इस्तेमाल करें।
4. अपनी गाड़ियों की समय से मरम्मत कराएं ताकि कार्बन उत्सर्जन कम हो, प्रदूषण जांच नियमित कराएं।
5. डीजी जेनसेंट के बजाए बिजली के लिए सोलर ऊर्जा स्टोरेज को प्राथमिकता प्रदान करें।
6. बाग बगीचे में गिरी पत्तियों और घर से निकले कचरे को आग न लगाए बल्कि उससे हरित खाद बनाएं।
7. घर में टपकने वाले प्रत्येक नल को ठीक कराएं। बिना वजह पीने वाले पानी को बर्बाद न करें।
8. घर में आरओ प्लांट से निकलने वाले पानी को एकत्र कर उसे दूसरे कार्यो में इस्तेमाल करें।
9. बारिश के जल को संरक्षित करने का प्रयास करें,उसका इस्तेमाल करें, अन्यथा भूमिगत रिचार्ज बढ़ाए।
10. फसलों में खरपतवार प्रबंधन और कीट प्रबंधन में जैविक कीटनाशक का इस्तेमाल करें।
11. संकल्प ले कि प्रकृति को क्षति पहुंँचाने वाली कोई भी गतिविधि नहीं करेंगे।
संकल्प लेना होगा कि जिसने हमें धरा है उसको हम धरेंगे।
अपने खातिर न सही,संतति हित को तो कर्मचित्त सुधरेंगे।।

धन्यवाद!
राम राम जय श्रीराम!
लेखिका – सुषमा श्रीवास्तव , मौलिक विचार, रूद्रपुर, ऊधम सिंह नगर, उत्तराखंड।

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