साहित्य

ए जिन्दगी 

प्रिया काम्बोज

ए जिन्दगी

 

ए  जिंदगी तेरे कई रंग देखे हमने

हर रंग में नये सफर पर खुद को देखा हमने,

कभी खुशी तो कभी ग़म देखें हमने

हर पलों की याद छुपाये रखें हमने।

 

ए जिंदगी तेरे कई रंग देखे हमने

हर रंग में नये सफर पर खुद को देखा हमने,

कभी धूप तो कभी छांव देखें हमने

कुछ अच्छे तो कुछ बुरे दौर देखें हमने।

 

ए जिंदगी तेरे कई रंग देखे हमने

हर रंग में नये सफर पर खुद को देखा हमने,

कभी उतार तो कभी चढ़ाव देखे हमने

अपनों के चेहरों पर कई चेहरे देखें हमने।

 

ए जिंदगी तेरे कई रंग देखे हमने

हर रंग में नये सफर पर खुद को देखा हमने,

कभी धीमीतो कभी तेज वक्त की रफ्तार देखें हमने

अपनों का मिलना बिछुडना देखें हमने ।

 

ए जिंदगी तेरे कई रंग देखे हमने

हर रंग में नये सफर पर खुद को देखा हमने ,

कभी मौत तो कभी ज़िंदगी मांगी हमने

कभी अपनों का साथ कभी अकेलापन महसूस किया हमने

 

ए जिंदगी तेरे कई रंग देखे हमने

हर रंग में नये सफर पर खुद को देखा हमने ।।

 

प्रिया काम्बोज प्रिया ✍️ सहारनपुर उत्तर प्रदेश स्वरचित कविता

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