साहित्य

गुरु – शिष्य

रेनू मिश्रा

रत्नेश बारहवीं कक्षा का छात्र था। दुर्भाग्यवश वह कुंसगति में पड़कर मद में चूर रहने लगा और अपने सहपाठियों के साथ बुरा व्यवहार करता था।आदत से लाचार एक दिन रत्नेश उस गुरु से बहस कर बैठा जिसने उसके मन मस्तिष्क में ज्ञान की ज्योति जलाई थी।

गुरु सब बच्चों के सामने बड़े धैर्य के साथ रत्नेश से कहते हैं,” बेटा ज्ञान तो तुम्हारे पास होगा परन्तु सफलता से वंचित रह जाओगे क्योंकि शिक्षा और संस्कार का समन्वय ही व्यक्ति की सफलता का मुख्य आधार होता है। तुम असभ्य व्यवहार के कारण सफल नहीं हो पाओगे।” कुंसगति के कारण भ्रमित हुए रत्नेश को कुछ समझ में नहीं आया। वह अपने दुर्व्यवहार से माता पिता को भी दुखी करता था। बारहवीं पास करने के पश्चात वह अपने आगे किसी की नहीं सुनता था। स्नातक करने के पश्चात उसने नौकरी के फार्म भरने शुरू कर दिए। लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद साक्षात्कार में असफल हो जाता था। वह नौकरी पाने के लिए कई परीक्षाएं देता रहा पर लगातार असफल रहा जिसके कारण वह टूट गया। उसे नौकरी की नितांत आवश्यकता थी।पर नौकरी मिल नहीं रही थी।जिस अहंकार मे चूर हो वह लोगों का अपमान किया करता था वह अवगुण अब उसके व्यक्तित्व से कोसों दूर था। रत्नेश अपनी असफलता से हताश निराश हो परेशान रहने लगा।धन अभाव के कारण वह अस्वस्थ भी हो गया था। रत्नेश के मोहल्ले बलुआघाट में बहुत भीड़ लगी हुई थी। भीड़ देख वह लोगों से भीड़ का कारण पूछने लगा। लोगों ने बताया,”श्याम नारायण संत आयें हैं वो बहुत अच्छी बातें बतातें है और लोगों की समस्या के समाधान हेतु मार्गदर्शन करते हैं।उन्हे सुनने के लिए लोग दूर-दूर से आये हैं।”

रत्नेश ने सोचा चलो मैं भी उनके विचारों को सुन लेता हूं। शायद मेरा भी कल्याण हो जाए।जैसे ही श्याम नारायण संत आये तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा मोहल्ला गूंज उठा। रत्नेश ने देखा कि यह संत, वही गुरु जी है जिसका उसने बहुत पहले अपमान किया था। वह पश्चाताप के आंसू लिए गुरु जी के चरणों में गिर पड़ा और अपने किए की माफी मांगने लगा। गुरु सदा शिष्य की सफलता हेतु खड़े रहते हैं ,बशर्ते शिष्य गुरु के ज्ञान को अंतस से आत्मसात करे। गुरु शिष्य का रिश्ता अत्यंत पवित्र होता है इस रिश्ते में छल,कपट दंभ , द्वेष, का कोई स्थान नहीं होता। गुरु श्याम ने शिष्य रत्नेश को क्षमा कर उसे सफल होने का आशीर्वाद दिया।

 

रेनू मिश्रा “दीपशिखा” प्रयागराज उत्तर प्रदेश

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