
न करना जल को तुम बर्बाद
जल से ही जीवन मिलता है,
इतना रखना याद ……
जल – स्तर घटता जाता है,
ध्यान मनुज को कब आता है
सबमर्सिबल पम्प के जैसे ,
यंत्र किए ईजाद…….
सूखे-सूखे ताल-तलैंयां,
प्यासे पंछी,प्यासी गैयां
तृषित लोचनों से देखें हैं,
करते हैं फरियाद…….
पुरखों ने नदी-बावड़ी देखी,
बाबा ने नल – कुइयांँ देखी
भावी पीढ़ी को दे न पाओगे,
तुम जल की सौगात……
जल संरक्षण विधि अपनाओ
जगह-जगह पर पेड़ लगाओ
घटा घिरेगी , बारिश होगी ,
गूंँजेगा घननाद……
न करना जल को तुम बर्बाद
आशा बिसारिया चंदौसी उ.प्र.




