किसानों को मजबूत किए बिना विकसित भारत का सपना अधूरा : भगत सिंह वर्मा
दि ग्राम टुडे/संवाददाता

बिनडू खड़क (हरिद्वार)।
यहां बिनडू खड़क में भगीरथ विकलांग सेवा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष महात्मा डॉ. पहल सिंह सैनी द्वारा आयोजित 42वें वार्षिक समारोह को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन वर्मा एवं पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और जब तक किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं होगा, उनकी क्रय शक्ति नहीं बढ़ेगी तथा उन्हें उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य नहीं मिलेगा, तब तक देश आर्थिक रूप से मजबूत नहीं बन सकता।
उन्होंने कहा कि देश के अन्नदाता किसानों को सशक्त बनाकर ही विकसित भारत का निर्माण संभव है। दिल्ली के नीति-निर्माताओं को किसानों के सभी कर्ज समाप्त कर गांव, किसान और कृषि को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि देश के किसान नेताओं और कृषि विशेषज्ञों से संवाद कर कृषि क्षेत्र को लाभकारी बनाने के लिए व्यापक चिंतन किया जाना चाहिए।
भगत सिंह वर्मा ने कहा कि आज भी कृषि क्षेत्र देश के लगभग पांच करोड़ शिक्षित युवाओं को रोजगार देने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करते हैं, उन्हें सदियों तक याद रखा जाता है। उन्होंने शहीद-ए-आजम भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस और अशफाक उल्ला खान का उदाहरण देते हुए कहा कि इनके योगदान को आज भी देश सम्मानपूर्वक याद करता है।
उन्होंने कहा कि महात्मा डॉ. पहल सिंह सैनी चिकित्सा, आयुर्वेद, स्वदेशी और विकलांग जनों की सेवा के क्षेत्र में निरंतर समाज और राष्ट्र के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार को उन्हें पद्मश्री सम्मान से अलंकृत करना चाहिए।
अपने संबोधन में भगत सिंह वर्मा ने पृथक पश्चिम प्रदेश की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि सहारनपुर जनपद यहां से मात्र दो किलोमीटर दूर है और उत्तर प्रदेश देश ही नहीं, दुनिया का सबसे बड़ा राज्य है। छोटे राज्यों के गठन से विकास और सुशासन को गति मिलती है। इसलिए केंद्र सरकार को संसद में प्रस्ताव लाकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिलों को मिलाकर पृथक पश्चिम प्रदेश का गठन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि छोटे राज्य उन्नति और विकास के बड़े मॉडल साबित हुए हैं, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण उत्तराखंड है, जो उत्तर प्रदेश से अलग होकर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।




