साहित्य

सायली छंद  गणपति वंदन 

डाॅ सुमन मेहरोत्रा

वक्रतुण्ड

विघ्न विनाशक

भक्तों के सुखदाता

मंगलमय आशीष

गणराय

 

गजवदन

मोदक प्रिय

सिद्धि- रिद्धि स्वामी

करुणा बरसे

अंतर्यामी

 

गणनाथ

प्रथम पूज्य

ज्ञान सुधा बरसाकर

दीप जलाओ

चमकाओ

 

गणपति

संकट भगाओ

विनय हमारी सुनकर

हरो पीड़ा

गजानन

 

स्वरचित

डाॅ सुमन मेहरोत्रा


‘सुरभि’

मुजफ्फरपुर, बिहार

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button
error: Content is protected !!