
वक्रतुण्ड
विघ्न विनाशक
भक्तों के सुखदाता
मंगलमय आशीष
गणराय
गजवदन
मोदक प्रिय
सिद्धि- रिद्धि स्वामी
करुणा बरसे
अंतर्यामी
गणनाथ
प्रथम पूज्य
ज्ञान सुधा बरसाकर
दीप जलाओ
चमकाओ
गणपति
संकट भगाओ
विनय हमारी सुनकर
हरो पीड़ा
गजानन
स्वरचित
डाॅ सुमन मेहरोत्रा
‘सुरभि’
मुजफ्फरपुर, बिहार




