साहित्य

महत्वपूर्ण

 डॉ गीता पांडेय

शिक्षा महत्वपूर्ण सर्वोपरि, सब जन इसको अपनाएंँ।

ज्ञान प्रकाश हमें देती है, इसकी मिल अलख जगाएंँ।।

 

बिन शिक्षा के निज जीवन की,सार्थकता रहे अधूरी।

शिक्षा ही सुखमय जीवन की, करती अभिलाषा पूरी।।

 

अगर पठन पाठन अच्छा तो, परिणाम सुखद है होता।

द्वेष दम्भ को जगह न मिलती,प्रेम बीज उर में बोता।।

 

शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है, हर मनुष्य के जीवन में।

उन्नति पथ पर करे अग्रसर,बढ़े खुशी अंतर मन में।।

 

शिक्षा से ही मान प्रतिष्ठा, सदैव सुयश दिलाती है।

मात-पिता पत्नी बच्चों की, कलिका हृदय खिलाती है।।

 

शिक्षा देती संस्कार सहजता,जीवन को सुखद बनाती।

शिक्षा का अतिशय महत्व है,जीने की कला सिखाती।।

 

शिक्षा ऊंँचे पद दिलवाती, गौरव समाज में बढ़ता।

जिसमें निष्ठा लगन सतत है, लक्ष्य शिखर तक वह चढ़ता।।

 

इसीलिए तो शिक्षा का है , करना सम्मान जरूरी।

व्यक्ति सफल वह ही होता जो,श्रम से रखे नहीं दूरी।।

 

शिक्षा शिक्षक से मिलती है,यह बात कभी मत भूलें।।

मान प्रतिष्ठा पाकर जग में,नहीं अहम भरकर फूलें।।

 

सदा मान शिक्षक का रखना,ईश्वर से बढ़कर होते।

नवल चेतना जागृत कर जो,हृदय कलुषता को धोते।।

 

डॉ गीता पांडेय अपराजिता

सलोन रायबरेली उत्तर

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