साहित्य

नागेश्वरसे प्रार्थना

डॉ मंजु गुप्ता

उष्णीशिन अप्रतिमाकृति के , पावन द्वार खड़ी हूँ मैं।

 

अध्यात्मयोगनीलय अमदन, देना दर्श अड़ी हूँ मैं।।

 

अभय अनघ अतिथि अद्रि अचल , कृपा करो अविनाशी तू ।

 

उष्णीषिन कंदर्पदहन हरि , दे मुझे जगह  काशी तू।।

 

 

घृष्णेश्वर रामेश्वर निष्ठुर ,लक्ष्य कलम का   बन जाना हे।

 

आँकारेशयु भीमाशंकर ,भावों में बस आना हे।।

 

बैद्यनाथ विश्वनाथ पुरुहुत, रचने का बल देना हे।

 

सोमनाथ तयम्बकेशुर पटु, सभी विघ्न को लेना  हे।।

 

 

ध्येय महाकालेश्वर धन्वी , ज्ञान धार बरसाना है।

 

त्रिजटाधर दिव्यायुध  पुष्कर, पथ पर मत अटकाना है।।

 

धटिन मल्लिकार्जुन दुखमंजन ,कार्य पूर्ण करवाना है।

 

प्रांशु पुण्यदर्शन पिनाकधृक,करुण दया बन आना है।।

 

 

पुण्य श्रवणकीर्तन  पाँचजन्य, शिवपुराण का गुण गाऊँ मैं।

 

नागेन्द्रहार नागचूड़ हे ,महाकाव्य लिख  पाऊँ मैं।।

 

निदाघस्तवन नरनारायणप्रिय, तुझ पर छंद रचाऊँ मैं।

 

नागेश्वर घुश्मेश्वर की स्तुति , अर्जी तुम्हें लगाऊँ मैं।।

 

 

डॉ मंजु गुप्ता

 

सेवा निवृत्त शिक्षिका, साहित्यकार,एंकर, योग प्रशिक्षिका,

 

पर्यावरण प्रेमी, समाज सेविका, एंकर

 

पताः वाशी, नवी मुंबई

 

(VASHI  ,  NAVIMUMBAI)

 

पिनकोड-400703 महाराष्ट्र, भारत

मोबाइलः ़ +91 8080420533,

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