
बैंक में रखा सोना नहीं,
तिजोरी की चाबी नहीं।
सच्ची पूंजी वो है जो,
देने से कभी घटे नहीं।
माँ की दुआ, गुरु का ज्ञान,
मित्र की निभती यारी है।
ईमान की रोटी, मेहनत का पसीना,
यही जीवन की सारी पूंजी है।
नोट जल जाते हैं, मकान गिर जाते हैं,
पर संस्कार और चरित्र साथ जाते हैं।
जिसके पास ये धन है,
वो दुनिया का सबसे अमीर है।




