
ताश खेलते सब हैं पर,यह तो न जाने कोई।
खेले जाते सभी जगह,किंतु ना जाने कोई।।
इसे लोग समझते बस,टाइमपास मनोरंजन।
4 यार मिल बैठो खेलें,ताश करें मनोरंजन।।
वैज्ञानिक आधार भी है,नहीं जाने यह कोई।
प्रकृति से ये जुड़ा हुआ है,ये ना जाने कोई।।
आयताकार मोटे कागज,के रंगीन हैं ये पत्ते।
ईंट पान चिड़ी हुकुम ये,4किस्म के हैं पत्ते।।
4 प्रकार के वह 13 पत्ते,कुल 52 पत्ते जानें।
लेकिन कैसे जुड़ा हुआ,आयें यहाँ वो जानें।।
मुख्य पत्ते एक्के से दस्से,गुलाम रानी राजा।
2-10 तो हैं काटें,एक्के,गुलाम रानी राजा।।
52 पत्ते का एक अर्थ है,वर्ष के 52 सप्ताह।
4 किस्म के पत्ते बोलें,1ऋतु में 13 सप्ताह।।
4 रंग के ये 13 पत्ते,13-13 सप्ताह 4 ऋतु।
यही प्रमुख हैं शीत ग्रीष्म,बसंत वर्षा ऋतु।।
1 प्रकार के पत्तों से हो,1×7×13=91 योग।
4 किस्म के पत्तों के ये,4×91=364योग।।
बिन जोकर सब सूना,इनसे हो हँसना दूना।
सर्कस-नौटंकी में यह,जोकर मजा दें दूना।।
364 में 1 जोकर जोड़ें,=365 दिन=1 वर्ष।
यह दूजा जोकर,365+1=366 लीप वर्ष।।
ईंट-पान तो होते लाल,चिड़ी-हुकुम काला।
लाल रंग माने ये दिन है,रात रंग है काला।।
52 पत्तों में 12 चित्रपत्ते,यह हैं वे 12 माह।
देखा कैसे 52 पत्तों ने,हमें बताए 12माह।।
ताश के पत्तों में भरा है,ज्ञान का ये प्याला।
ताश के मर्म पर मैंने,कविता लिख डाला।।
सर्वाधिकार सुरक्षित ©®
रचयिता :
*ज्ञान विभूषण डॉ. विनय कुमार श्रीवास्तव*
सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रवक्ता-पी.बी.कालेज,प्रतापगढ़,उ.प्र.
(शिक्षक कवि लेखक साहित्यकार समीक्षक समाजसेवी)




