साहित्य

विश्व वानिकी दिवस

अतुल पाठक

हरे-भरे जंगल, समृद्ध जीवन का आधार हैं।
पेड़ लगाएँ, पर्यावरण बचाएँ।

हमारा संकल्प: प्रकृति की सुरक्षा।
विश्व वानिकी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!

हरे-भरे वन, जीवन की शान,
इनसे ही सजता धरती का मान।
नदियों की कल-कल, पंछियों का गान,
वन से ही मिलता हर प्राणी को प्राण।

जब-जब हमने जंगल काटे,
सूख गए जीवन के सारे नाते।
धूप हुई तीखी, छाँव भी रूठी,
धरती मां की ममता भी छूटी।

आओ मिलकर शपथ उठाएँ,
हर आँगन में वृक्ष लगाएँ।
छोटा सा यह एक प्रयास,
बन जाएगा जीवन का विश्वास।

बच्चों की हँसी, खुशियों का संसार,
पेड़ों से ही होगा हर त्योहार।
प्रकृति का रखें हम मान-सम्मान,
यही है जीवन, यही है पहचान।

नहीं करेंगे अब कोई गलती,
धरती को देंगे हरियाली की बलती।
हर एक पौधा, आशा का दीप,
इसी से होगा भविष्य अतीव।

आओ मिलकर यह व्रत निभाएँ,
धरती को फिर स्वर्ग बनाएँ।
विश्व वानिकी दिवस का यह संदेश,
प्रकृति बचाओ—यही है विशेष।

अतुल पाठक
हाथरस(उत्तर प्रदेश)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!