साहित्य

मेराल गांव- मटिया

मनीष कुमार वर्णवाल

मेरा गांव बड़ा प्यारा है
यह सबसे सुंदर सबसे न्यारा है
हमसब में एकता भाव और भाईचारा है
मेरा गांव बड़ा प्यारा है

यह सबों को प्रेम भाव सिखलाता है
सबकों एक साथ रहना सिखलाता है
मीठे स्वर में बोलना सिखलाता है
सबके साथ खेलना सिखलाता है

पीपल के छांव तटे बैठ
दोस्तों संग राग गुनगुनाते थे
दुःखी मन होने के बाद भी
एक-दूसरे को बहुत हंसाते थे

चोरी चोरी घुसते थे
दुसरो के बागानों में
तोड़ लेते थे आम अमरूद
खाते थे मकानों में

कैसे बताऊं तुम्हें…
मेरा गांव बड़ा प्यारा है
यह सबसे सुंदर सबसे न्यारा है
हमसब में एकता भाव और भाईचारा है
मेरा गांव बड़ा प्यारा है

*मनीष कुमार वर्णवाल*
मटिया बाजार,जमुई(बिहार)
Mob:- 9507659669

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!