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रांची में आयोजित आचार्य कुल सम्मेलन के संदर्भ में पत्रकारिता प्रकोष्ठ एवं नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन की भूमिका

रांची में प्रस्तावित आचार्य कुल सम्मेलन के संदर्भ में आचार्यकुल पत्रकारिता प्रकोष्ठ एवं नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन की सक्रिय भागीदारी इस आयोजन को विशेष महत्व प्रदान करती है। यह सम्मेलन समाज, शिक्षा और पत्रकारिता के समन्वय का एक सशक्त मंच बनने जा रहा है, जिसमें देशभर के पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

इस सम्मेलन के संचालन एवं समन्वय में आचार्यकुल झारखंड प्रदेश के माननीय अध्यक्ष प्रो डॉ जंग बहादुर पांडेय, उपाध्यक्ष आचार्य डॉ वासुदेव प्रसाद,मंत्री डॉ ओम प्रकाश के साथ ही *नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन की मॉडरेटर सुप्रिया की अहम भूमिका है, जो पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने में सक्रिय रूप से योगदान दे रही हैं। इसके साथ ही बिहार से अनमोल कुमार, महाराष्ट्र से डॉ. बालकृष्ण महाजन, आचार्य कुल पत्रकारिता प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुमुद रंजन सिंह तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एस. एन. श्याम* जैसे प्रमुख पदाधिकारी इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

आचार्यकुल पत्रकारिता प्रकोष्ठ संरक्षण की भूमिका सम्मेलन के दौरान विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहेगी। प्रकोष्ठ का उद्देश्य सम्मेलन की गतिविधियों को व्यापक स्तर पर प्रसारित करना, निष्पक्ष एवं सत्य आधारित पत्रकारिता को बढ़ावा देना तथा पत्रकारों को उनके कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है।

नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन इस मंच के माध्यम से पत्रकारों को एकजुट करने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और उनके हितों को सशक्त रूप से प्रस्तुत करने का कार्य करेगा। संगठन का लक्ष्य पत्रकारों के बीच सहयोग, समन्वय और एकता को मजबूत करना है।

पत्रकारों के जुड़ाव हेतु सम्मेलन में विभिन्न रणनीतियों को अपनाया जा रहा है, जिनमें डिजिटल सदस्यता अभियान, क्षेत्रीय नेटवर्क का विस्तार, युवा पत्रकारों को जोड़ने के प्रयास तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन शामिल है। इससे संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी।

पत्रकारिता शिक्षा के क्षेत्र में भी यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा। आधुनिक मीडिया तकनीकों, डिजिटल पत्रकारिता, फैक्ट चेकिंग तथा नैतिक पत्रकारिता जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिससे पत्रकारों की क्षमता और दक्षता में वृद्धि होगी।

सम्मेलन में विचार-विमर्श के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, मीडिया की विश्वसनीयता, फेक न्यूज की चुनौती तथा लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी। यह विमर्श पत्रकारिता को अधिक जिम्मेदार और प्रभावी बनाने की दिशा में सहायक सिद्ध होगा।

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