साहित्य

परशुराम सा अक्षय बनिये

ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति

परशुराम सा अक्षय बनिये l
सभी काम नित वैसे करिये ll

जन्म दिवस पर शंभु शिष्य के,
शंभु-शंभु जप मिलकर करिये l

परशुराम सा और न कोई,
कठिन तपस्या वैसी करिये l

करने वाले कर लेते हैं,
कठिन काम से कभी न डरिये l

जैसे अरि का नाश किये थे,
शत्रु नाश मिल वैसे करिये l

परशुराम की पूजा करके,
शिव संकल्प हृदय में भरिये l

जन्म मनाना तभी सफल हो,
परशुराम सा कुछ तो करिये l

काम काज सब अक्षय होगा,
संकल्पों से कभी न टरिये l

जय-जय अक्षय परशुराम की,
प्रिय भारत को अक्षय करिये l

‘ईश्वर’ अक्षय तन-मन-धन हो,
यही भाव प्रभु सबमें भरिये l

ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति l

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