
आएँ हमसब सघन,वृक्षारोपण करें पेड़ लगाएँ।
पेड़ों के हरियाली से,इस धरा को स्वर्ग बनाएँ।।
दृढ़ संकल्प करें सभी,हर मानव ही आगे आएँ।
भारत ये हमसब मिल,कर ग्रीन इंडिया बनाएँ।।
शुरू करें वृक्षारोपण,मिलकर पर्यावरण बचाएँ।
ग्लोबल वार्मिंग के पीड़ा,से राहत सुरक्षा पाएँ।।
निःशुल्क प्राणवायु जीवन,में वृक्ष ही देते आए।
आओ मिल पेड़ लगाएँ,हमसब ये पेड़ लगाएँ।।
होगा याद कोरोना जब था,हम कितना हैं रोए।
ऑक्सीजन सिलिंडर बिन,इतनीं जानें गवाएँ।।
प्रकृति से छेड़-छाड़ करने,का ही फल हैं पाए।
हरेभरे जंगल काटे,अरु खुद के महल बनाए।।
बिन वृक्षों के हम साँसें,कोई कभी ना ले पाएँ।
आओ सब जन पेड़,लगाएँ और उन्हें बचाएँ।।
धराधाम है तो हमसब हैं,अपने जीवन बचाएँ।
अगले पीढ़ी हेतु जरूरी,है पेड़-जंगल बचाएँ।।
05 जून है आएँ’विश्व पर्यावरण दिवस’मनाएँ।
थाले खोदें दिल से सभी,तैयारी में जुट जाएँ।।
‘ग्रीन इंडिया परिकल्पना’,सफल सभी बनाएँ।
तभी स्वस्थ रहेंगे परिवार,सहित वृक्ष लगाएँ।।
निज जीवन संग सबजन,के ये जीवन बचाएँ।
आएँ पेड़ लगाएँ भइया,पेड़ और पेड़ लगाएँ।।
अपनी पृथ्वी हरीभरी हो,इसे स्वर्ग-सा बनाएँ।
जिएँ शान से उपकार करें,तो अमर हो जाएँ।।
विश्व पर्यावरण दिवस की,देता शुभकामनाएं।
बहुत-बहुत बधाई और,मंगल शुभकामनाएं।।
सर्वाधिकार सुरक्षित ©®
रचयिता :
*डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव*
(ज्ञान विभूषण)
सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रवक्ता-पी.बी.कालेज/साहित्यकार समाजसेवी प्रतापगढ़,उत्तर प्रदेश,भारत




