
मुंशी प्रेमचंद हिन्दी साहित्य में एक विख्यात नाम,
हिंदी साहित्य में है उनका महत्वपूर्ण योगदान।
हिंदी साहित्य के वे कहलाते साहित्य सम्राट,
हिंदी साहित्य में उन्होंने हमेशा दर्शाया यथार्थ।
किसानों गरीबों मजबूरों और महिलाओं का कैसा था जीवन,
मुंशी प्रेमचंद ने किया सभी का सजीव चित्रण।
गोदान,गबन और पूस की रात है अमर कृतियां,
भारतीय समाज की हैं वो स्वीकृतियां।
अपनी लेखनी से कुरीतियों के
विरूद्ध आवाज उठाई,
पढ़ पाठकों के अंतस से आह की आवाज आई।
ईदगाह के बाहर सजी थी बहुत सी दुकान,
बच्चों ने खरीदा अपने लिए सामान।
हामिद के दिल में था दादी का दर्द,
उसने किए चिमटा खरीदने में पैसे खर्च।
भाषा-शैली:सरल,सहज, मुहावरे दार,
इसी बहाने हुआ हिंदी उर्दू का प्रचार ।
किस्से कहानी लेख उनके हैं दस्तावेज,
अनुभव विचार न्याय कर्तव्य का है अद्भुत मेल।
संजय प्रधान
देहरादून।




