साहित्य

  • क्यों आदमी आदमी से दूर होता जा रहा है

    ** आदमी आदमी से दूर क्यों होता जा रहा है। क्यों बात -बात में आपे से बाहर होता जा रहा…

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  • पत्नी और प्रेमिका

    बहुत फर्क है पत्नी और प्रेमिका में। प्रेमिका रात भर सोने नहीं देती । पत्नी रात को जगने नहीं देती।…

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  • तन्हाई

    भीड़ में रहकर भी अकेला हूं, यादों का दिल में एक मेला हूं। खामोश कमरे की ये दीवारें, जैसे थककर…

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  • वैरागी जीवन की पुकार

    जहाँ इच्छाओं का शोर थम जाए, और मन स्वयं से ही मिल जाए, वहीं कहीं एक पथ निकलता है वैरागी…

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  • वेदना की आवाज़

    बेबस निगाहों से ये दुनिया सही नहीं जाती, भूखे बच्चों की सिसकी सही नहीं जाती। क्यों राख हो रही हैं…

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  • गजल

    राम की भक्ति में मन लगाने लगी। मैं भजन राम के गुनगुनाने लगी।। राम हनुमान संग जपती ही रही। मन…

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  • उम्मीद

    उम्मीदों को सदा पत्थर जैसा कठोर होना चाहिए.., पत्थर अगर आस्था है तो कला की प्रतीक भी है, दिल तो…

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  • भगवान परशुराम

    दशावतार श्री हरि विष्णु के परशुराम छठवें अवतार हैं, भृगुकुल शिरोमणि जमदग्नि व माता रेणुका की संतान हैं। वामन अवतार…

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  • जे केहू पूछत

    जे केहू पूछत नियरा के हमसे,बबुआ जिनगी में तू का देखलⵢ, त हम ओकरा जतला देतीं,स्वारथ क भरल एक मेला…

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  • भगवान् परशुराम

    अक्षय तृतीया के प्रदोष काल में जन्म लिया पिता महर्षि जमदग्नि माता रेणुकानाम किया | शिक्षा दीक्षा प्राप्त की पिता,…

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