साहित्य
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भगवान परसुराम
ब्रह्मतेजमय परसुराम प्रभु शत शत बार प्रणाम । दुष्ट नृपति के दर्प दलन कर किये पुण्यमय काम ।। भृगुवंश के…
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ऐ भाई, ज़रा देख के चलो! व्यंग्यात्मक रचना
ऐ भाई ज़रा देख के चलो, रस्ते की हर एक चाल देखो। ये सड़क नहीं, ये जाल बिछा, सब ओर…
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नफरतों के खंजर
बिकते गद्दारों के हाथ,सरहदी बंकर देखे हैं। मिटाने पाप कमों को,लगाते लंगर देखे हैं। प्यार-#मोहब्बत तो रह गये बनकर फसाने…
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रातरानी महकी चांदनी रात में
रातरानी महकी चांदनी रात में, जैसे कोई गुप्त कहानी बात में। शीतल पवन ने धीरे से छू लिया, मन खो…
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ए वक्त जरा तू धीरे चल
मेरे दिल में होती हलचल। साँसें उठतीं- गिरतीं पल-पल।। मैं तनिक हृदय को समझा लूँ। ए वक्त जरा तू धीरे…
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अगर मैं बन जाऊं यमराज तो क्या होगा
अगर मैं बन जाऊं यमराज तो स्टाइल निराला होगा, भैंसे की जगह बुलेट होगी, एंट्री पे धमाका होगा! काला चश्मा…
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मन को लगी चोट
कभी कभी हमारे मन को कुछ ऐसी चोट लग जाती है कि खामोशियाँ कितनी अज़ीज़ हो जाती हैं हमे,कि उनमें…
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कविता बुन लेती हूं,,,,
लोग ऊन से स्वेटर बुन लेते हैं, मैं शब्दों से कविता बुन लेती हूं। लोग हाल पूछते हैं सबका, मैं…
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परशु–संवाद
अक्षय तृतीया का… तेजस्वी प्रभात। धरा दहक उठी… गगन हुआ प्रखर प्रकाशमय। वज्र-सी वाणी में आकाश पुकार उठा— “कौन है…
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ग़ज़ल
मिल रही हर घड़ी ताज़गी आपसे। हो गई बामज़ा जिंदगी आपसे।। जगमगाने लगी हैं मेरी जिंदगी मिल गईं मुझको वो…
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