साहित्य
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जहाँ प्रेम है वहाँ द्वेष नहीं होता है
ईख में गांठ रसहीन सूखी होती है, वहां न रस और न मिठास होती है, मानव जीवन कुछ ऐसा ही…
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विभावरी -जाग री
बीत रही है यह, विभावरी जाग री —धीरे धीरे भोर का धुंधलका दे रहा है दस्तक… तिमिर और तारे भी…
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आदित्य यह ईश्वर की माया है
प्रभु प्रार्थना से ज़्यादा ताक़तवर, आस्था विश्वास से शक्तिशाली, और परमपिता परमात्मा से महान, नहीं कोई देवता है न कोई…
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क्या हिन्दू एक हुआ
क्या हिन्दू एक हुआ, ये प्रश्न गगन में गूँजे, सोई हुई चेतना अब फिर से जागे, पूँजे। टूटे हुए मन…
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साफ नियत ,नियम से चलो कि ईनाम बहुत है
1 नियम से चलो तो आराम बहुत है। ईमानदारी का भी अपना ईनाम बहुत है।। शिष्टाचार को बनाओ जीवन का…
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माँ की पाती: बिटिया के नाम
“अभी तो आई थी तू, अभी जाने की तैयारी है, ये कैसी रीत है दुनिया की, जो सब पर भारी…
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गजल
आज सुन गा रही कृष्ण की बांसुरी, .मादक बना रही कृष्ण की बांसुरी। काम छोड़ निकल पड़ी सभी नारियां, प्यार…
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मन में टीस
मासूम सा बचपन दिल में बैठा कर रहा है जंग, यादों का कारवाँ हरदम चलने से हो गए हम तंग।…
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एहसास जिन्दगी का
एहसास जिन्दगी का होने लगा जब साथ हो। प्रभु प्रेम राह बता दिये, जब आप मिल गये हो। एहसास जिन्दगी…
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दोहा
तुलसी औषधि रूप हैं ,निकट न आये रोग। जिस आंँगन पलती सदा, स्वस्थ रहें सब लोग।। घर-घर में मांँ पूज्य…
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